टाइट सिक्यूरिटी में अतिसंवेदनशील बूथों पर होगा चुनाव, आयोग ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी को चिन्हित करने का दिया निर्देश

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार के अतिसंवेदनशील बूथों पर सुरक्षा सख्त रहेगी. इसको लेकर चुनाव आयोग ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिया है. भारत निर्वाचन आयोग ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी को कहा है कि आप अपने-अपने जिलों में अति संवेदनशील बूथों को चिन्हित करे, ताकि वहां की सुरक्षा की सख्त व्यवस्था की जा सके.

चुनाव पूर्व सभी संवेदनशील बूथों की पहचान के लिए आयोग क ओर से दिशा निर्देश जारी किए गए है. इसके अनुसार ही सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी को अपने अपने जिलों में ऐसे बूथों की पहचान करनी है. बिहार में प्रति बूथ एक हजार से कम मतदाता के मानक के अनुसार एक लाख 6 हजार बूथों का निर्धारण किया गया है. जिनमे 34 हजार नये बूथ शामिल हैं. 



कोरोना काल में हो रहे बिहार विधानसभा चुनाव के लिए आयोग की ओर से गाइडलाइन जारी कर दिया गया है. नये गाइडलाइन के अनुसार सभी राजनीतिक दलों को सभी तरह की एनओसी ऑनलाइन मिलेगी. राजनीतिक दल अपने चुनाव प्रचार के लिए समय और स्थल की मांग चुनाव आयोग से ऑनलाइन ही करेंगे. आयोग अपने नोडल अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट लेने के बाद ऑनलाइन ही एनओसी जारी करेगा.

इस मॉड्यूल के माध्यम से जनसभा की अनुमति, नुक्कड़ नाटक की अनुमति, हैलीपैड बनाने की अनुमति, रैली की अनुमति, रोड शो की अनुमति, मंच बनाने की अनुमति, वाहनों की अनुमति, चुनाव कार्यालय खोलने की अनुमति व सभा स्थल की अनुमति ऑनलाइन दी जा सकेगी.

विधानसभा चुनाव में इस बार चुनाव आयोग पहली बार एनकॉर परमिशन मॉडयूल का प्रयोग करने जा रहा है. चुनाव प्रक्रिया के नियंत्रण की यह सबसे आधुनिक प्रक्रिया है, जिसमें अधिक से अधिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा. इस मॉड्यूल के लिए चुनाव आयोग ने सभी जिलों से डेटा की मांग की है और मंगलवार से इसके लिए अधिकारियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई.