निगम में लाखों के हेरफेर पर कर्मचारी नेता ने उठाई आवाज, कहा, भुगतान में ईओ नहीं महसूस करते आयुक्त अनुमति की जरूरत

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: शहर की साफ_सफाई पर नगर निगम करोड़ों की राशि खर्च कर रहा है. लेकिन इस साफ_सफाई को दिन_रात अंजाम देने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके अस्तित्व को लेकर अफसर पूरी तरह से उदासीन बने हुए हैं. कुछ अधिकारियों के भ्रष्ट एवं लापरवाही पूर्ण रवैये की वजह से कर्मचारी सालों तक निगम के मुख्यालय से लेकर अंचल कार्यालयों का चक्कर काटने के लिए विवश हैं. इसी तरह की उदासीनता पर कर्मचारी नेता राम यतन प्रसाद ने आवाज उठाया है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सेवा निवृत्ति के पश्वात होने वाले भविष्य निधि का भुगतान जल्द नहीं किया गया तो ये कर्मचारी दूसरे कर्मियों के साथ मिलकर धरना_प्रदर्शन के लिए बाध्य हो जाएंगे.

कर्मचारी नेता राम जतन प्रसाद ने नूतन राजधानी अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी के ऊपर गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि नूतन राजधानी अंलच में कर्मचारियों को सेवा उतरांत दिए जाने वाले लाभ की भुगतान के मद में निगम मुख्यालय से करीब सवा चार करोड़ रुपए आवंटन किया गया. लेकिन अफसर इस राशि में हीला_हवाली कर रहे हैं. नगर आयुक्त को दिए गए पत्र में कहा है कि आवंटित इस राशि में से  तकरीबन 78 लाख रुपए बिना नगर आयुक्त के निर्देश के चहेते कर्मचारियों में वितरित कर दिया गया.

यानी अपने नजदीकी कर्मचारियों को लाभ देने से पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा नगर आयुक्त से अनुमति लेने तक की जरूरत नहीं समझी गई. जबकि दूसरे कर्मचारी आज भी सेवा उपरांत दिए जाने वाले लाभ के लिए दर_दर की ठोकरें खा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अंचल के कार्यपालक पदाधिकारी ऐसे कर्मचारियों को आज_कल भुगतान के नाम पर चक्कर काटने पर मजबूर कर रहे हैं. इसकी वजह से निगम के दर्जनों कर्मचारियों में नाराजगी व्याप्त है. उन्होंने मांग की कि ईओ के कार्यशैली की जांच करवाते हुए उचित कार्रवाई किया जाय. साथ में वाजिब कर्मचारियों में सेवा निवृत्ति दिए जाने वाले राशि का लाभ दिया जाय. अन्यथा ये सभी कर्मचारी दूसरे कर्मियों के साथ मिलकर प्रदर्शन के लिए बाध्य हो जाएंगे.