उपराष्ट्रपति चुनाव : अब NDA में नीतीश, पर UPA कैंडिडेट को ही देंगे समर्थन

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में बुधवार को शुरू हुई सियासी उलटफेर में महज 15 घंटे के भीतर पार्टनर बदल कर छठी बार नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बन चुके हैं. ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि क्या अब भी वे यूपीए के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को वोट देंगे ? 

बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में नीतीश कुमार ने एनडीए समर्थित उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को ही समर्थन दिया था. वहीं उपराष्ट्रपति चुनाव में नीतीश कुमार ने यूपीए उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी को समर्थन देने की घोषणा की थी. लेकिन बिहार में सियासी समीकरण बदल जाने के बाद एक बार फिर चर्चाओं का दौर गरम हो चुका है. 

सूत्रों का कहना है कि गांधी को समर्थन देने के फैसले में कोई बदलाव नहीं होगा. नीतीश का कहना है कि दो मामलों को नहीं मिलाया जाना चाहिए. जेडीयू के एक वरिष्ठ नेता ने बताया,’नीतीश जी ने हमेशा कहा है कि पार्टी की बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग भूमिका है. बीजेपी के साथ गठबंधन राज्य की भलाई के लिए किया गया है पर पार्टी ने गांधी को उनकी योग्यता और पहचान के लिए समर्थन दिया है। इसलिए इस फैसले में बदलाव लाने की कोई वजह नहीं है.’

सूत्र ने बताया कि जब राष्ट्रपति पद के लिए नीतीश ने रामनाथ कोविंद को समर्थन दिया था तब उन्होंने RJD और कांग्रेस को कहा था कि उन्होने सिर्फ राज्य के मामलों के लिए उनसे गठबंधन जोड़ा है लेकिन इसका असर राष्ट्रीय स्तर पर नहीं होगा. सूत्रों के अनुसार, उन्होंने सभी पार्टियों के विधायकों को बता दिया है कि गोपाल कृष्ण गांधी को ही उनका समर्थन मिलेगा, एनडीए के उम्मीदवार वेंकैया नायडू पर विचार न करें.

बुधवार को जब नीतीश ने महागठबंधन तोड़ने का फैसला लिया तो उन्होंने पार्टी को कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव में उनकी पार्टी की भूमिका के बारे में फ्लोर टेस्ट के बाद ही सोचा जाएगा. हालांकि गोपालकृष्ण गांधी के लिए समर्थन बरकरार रखने वाली बात एक वरिष्ठ नेता ने कन्फ़र्म की है, जो गुरुवार को हुई पार्टी विधायकों की बैठक में शामिल थे.

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