मंत्रिमंडल का फिर होगा विस्तार, जुड़ेंगे 8 और चेहरे, दूर होगी नाराजगी

लाइव सिटीज डेस्क : शनिवार (29 जुलाई) को बिहार की नई सरकार में खूब हलचल रही. सत्ताधारी दलों के बीच मंत्री पद का बंटवारा किया जा रहा था. एनडीए और जदयू कोटे के नेताओं को सीएम नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा था. सभी सहयोगी दलों ने अपने-अपने पसंद के नेताओं का नाम मंत्री पद के लिए आगे कर दिया. लेकिन फाइनल लिस्ट आते-आते कुल 27 मंत्रियों ने शपथ ली थी. नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी पहले शपथ ले चुके थे. पर, नई मंत्रिमंडल में शामिल होने से वंचित रह गए नेताओं की नाराजगी भी जाहिर होने लगी थी. पर अब यह जानकारी दी गई है कि 8 और मंत्री बिहार कैबिनेट में शामिल किये जा सकते हैं. 

माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किये जाने से कई नेताओं की नाराजगी बढ़ गई थी जिसे ध्यान में रखते हुए फिर से 8 नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करने का निर्णय लिया गया है. जिसमें जदयू कोटे से 5 और बीजेपी के 3 मंत्री होंगे. बता दें कि कल मंत्रिमंडल के विस्तार से पहले भाजपा नेता नंदकिशोर यादव और सुशील मोदी ने कहा था कि नया मंत्रिमंडल NDA 1 के फार्मूला से चलेगा. जिसके तहत मंत्रिमंडल में कुल 35 सदस्य होंगे. 

भाजपा नेताओं ने यह बात नीतीश कुमार के आवास पर बैठक के बाद कही थी. जिससे यह तय माना जा रहा था कि सभी संभावित नामों को मंत्रिमंडल में जगह मिल जाएगी. पर, एन वक्त पर नीतीश कुमार ने मना कर दिया जिससे एनडीए में सहयोगी दल जीतन राम मांझी की पार्टी हम और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा का पत्ता साफ़ हो गया था. हालांकि लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान  अपने भाई को मंत्री पद दिलाने में सफल रहे. जिस पर मांझी नाराज हो गए और दिल्ली जा कर कहा कि क्या मेरी हैसियत रामविलास पासवान से कम है क्या ?अब जदयू-एनडीए द्वारा मंत्रिमंडल के दोबारा विस्तार के निर्णय से कई नेताओं की नाराजगी दूर हो सकती है.

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