बड़ी कार्रवाई : पटना में जेडीएम हॉस्पिटल के एमडी और डॉक्टर समेत 5 लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर

लाइव सिटीज, पटना/अमित जायसवाल : कोरोना महामारी के बीच राजधानी में एक हॉस्पिटल के मैनेजमेंट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और डॉक्टर समेत 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. जेडीएम हॉस्पिटल मैनेजमेंट पर कोरोना पेशेंट के परिवार से कच्चे रसीद पर 6 लाख 34 हजार 200 रुपए की जबरन डिमांड करने और उन्हें हॉस्पिटल के कमरे में बंद कर बंधक बनाने का गंभीर आरोप लगा है.

मामला पटना के कंकड़बाग थाना का है. इस मामले में पटना के डीएम की तरफ से सख्त निर्देश दिए गए हैं. डीएम के निर्देश पर ही एफआईआर दर्ज कराई गई है. साथ ही इस मामले में जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पटना सदर के एसडीएम तनय सुल्तानिया ने तीन अधिकारियों की स्पेशल टीम बनाई है. इस टीम में एएसडीएम, जिला कार्यक्रम समन्वयक और कंकड़बाग के थानेदार को शामिल किया गया है.




दरअसल, जेडीएम हॉस्पिटल में मनमानी फीस रखने एवं पेशेंट के अटेंडेंट से जबरन फीस की वसुली करने और प्रताड़ित करने की लिखित शिकायत पटना के डीएम से की गई थी. इस मामले को काफी गंभीरता से लिया गया. जांच के लिए बनाई गई स्पेशल टीम ने हॉस्पिटल के सभी स्टाफ, वहां एडमिट पेशेंट व उनके परिवार वालों से पूछताछ की. जांच के क्रम में पाया गया कि हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा कच्चा बिल देकर पेशेंट एवं उसके परिजन से 634200 रुपए जबरन भुगतान करने को कह रहे थे.

जबकि परिवार वालों ने पक्का बिल और आइटमवार खर्च का डिटेल मांग रहे थे. जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कोविड-19 महामारी की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी इंदिरा नगर में स्थित जेडीएम हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर, डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन सहित 5 व्यक्तियों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 341 ,342, 406 ,420, 120 (बी), 34 तथा महामारी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है.

डीएम ने पटना के सभी प्राइवेट हॉस्पिटल को उचित फीस रखने, पक्का बिल देने और आइटमवार फीस की लिस्ट देने की सख्त हिदायत दी है. इसके लिए पीपीई किट, आईसीयू, वेंटिलेटर, डायग्नोस्टिक टेस्ट, रूम फी, बेड फी आदि का उचित मूल्य रखने और पेशेंट को पक्का पुर्जा देने का निर्देश दिया है. ऐसा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई का निर्देश डीएम की तरफ से दिया गया है.