बिहार में बाढ़ से तबाही, गंगा समेत नौ नदियां खतरे के लाल निशान से ऊपर

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: एक ओर जहां कोरोना की जद में बिहार के सभी 38 जिले हैं तो वहीं एक दर्जन से अधिक जिलों में लोगों पर बाढ़ कहर बनकर टूट पड़ी है. गंगा समेत नौ नदियां अब भी कहीं ना कहीं लाल निशान से ऊपर बह रही हैं. गंगा का बढ़ना जारी है.

गुरुवार को कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर उठी. बक्सर से कहलगांव तक 3 से 12 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई. पटना में यह नदी लाल निशान से मात्र 46 सेमी नीचे है. कहलगांव में लाल निशान को पार कर गई है. इस बीच गंडक और कोसी का डिस्चार्ज भी गुरुवार को नेपाल में हुई वर्षा के कारण कुछ बढ़ गया है.



कोसी नदी में पानी का डिस्चार्ज गुरुवार को बराह क्षेत्र में 1.30 से बढ़कर 1.62 और बराज पर 1.66 लाख घनसेक दर्ज किया गया. वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक का डिस्चार्ज भी 1.72 लाख घनसेक पहुंच गया. कोसी बलतारा और कुरसेला में लाल निशान से ऊपर है. गंडक भी डुमरियाघाट में लाल निशान से ऊपर है. बूढ़ी गंडक रोसड़ा रेलपुल के पास थोड़ा नरम हुई है. गुरुवार को वहां नदी लाल निशान से 3.43 मीटर ऊपर बह रही है. समस्तीपुर रेलपुल के पास लाल निशान से यह नदी 2.22 मीटर ऊपर है.

बता दें कि बिहार में बाढ़ से 14 जिलों के 114 प्रखंडों के 1098 पंचायतों की 59 लाख 70 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं. आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्रडु के अनुसार एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 31 टीमें बाढ़ प्रभावितों के बचाव और राहत कार्य में लगाई गई हैं. विभिन्न जिलों में 1365 सामदायिक किचेन चलाए जा रहे हैं, जहां से प्रतिदिन साढ़े नौ लाख से अधिक लोगों को भोजन कराया जा रहा है. वहीं 17 राहत केंद्र अभी चल रहे हैं, जहां पर 18 हजार लोग रह रहे हैं. आपदा विभाग के अनुसार राज्य में 19 लोगों की मृत्यु हुई है. इनमें दरभंगा के सात, मुजफ्फरपुर के छह, पश्चिम चंपारण के दो और सवान के दो लोग शामिल हैं. वहीं 20 पशुओं की भी मौत बाढ़ की जद में आने से हो गई है.