घर के लिए चिमनी वाली कमजोर लाल ईंट से बचें, अब इको-फ्रेंडली एएसी ईंट है सबसे बेस्ट

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: घर यू हीं तैयार नहीं हो जाता है. एक घर को बनाने में कई वर्षो की मेहनत लग जाती है. लेकिन जिन्दगी भर की मेहनत के बाद तैयार किए गए घर की अगर बुनियाद सही न हो तो उस घर ढ़हने के साथ ही एक परिवार की बुनियाद पर भी बड़ा असर पड़ता है. घर की बुनियाद का सबसे अहम हिस्सा होता है इसमे लगी हुई एक—एक ईंट. ईंट ही वो बुनियाद है, जिसकी बदौलत आपके घर की चारदीवारी बनकर तैयार होती है.

पारंपरिक तौर पर जो ईंटें घरों के निर्माण में लगाई जाती हैं वो कई मायनों में आपके घर के लिए असुरक्षित ही होती हैं. रेड क्ले वाली ये ईट बहुत  खराब इंसुलेटर होती हैं. यानी इसमें बड़ी तेजी से आग लग जाती है. वहीं ये ईटें पर्यावरण के लिहाज से भी इको-फ्रेंडली नहीं होती है. आपने अपने इलाकों में ईटों के भट्टे और चिमनियों को देखा होगा जहां ये तैयार होते हैं. ये ईटें डूरेबल बिल्डिंग प्रोडक्ट नहीं होते हैं.

लेकिन अगर ये ईटें सही नहीं हैं तो कौन सी ईटों से घर बनाएं? बिहार में लाल ईटों के बजाए दूसरी ईटें कौन सी मिलती हैं? और मिलती हैं तो वो कहां मिलेंगी? ये सारे सवाल आपके मन में होंगे. अगर आप भी एक प्यारा सा घर बनाने की तैयारी में हैं या ऐसा कुछ सोच रहे है तो.

तो चलिए आपको बता देते हैं. आज कल के जमाने में तकनीक के विकास के साथ ही एक मजबूत बुनियाद वाले घर को तैयार करनेवाली ईटों के रुप में भी परिवर्तन आया है. आज के दौर में मजबूत बुनियाद वाली घरों को तैयार करने के लिए लाल ईटों के बजाए ऑटोक्लेवड ऐरीएटेड कंक्रिट (एएसी) ईटों को प्रयोग होता है. ये ईटें चिमनियों में बने ईटों के मुकाबले लाइटवेट, लोड को सहने वाले, उच्च-इन्सुलेटिंग और टिकाऊ निर्माण उत्पाद होती हैं. जो आकार और ताकत के हिसाब से भी लाल ईटों के मुकाबले ज्यादा अच्छी होती हैं.

बिहार में एएसी ईटें कहां मिलेंगी?

अगर आप भी एएसी ईटों का प्रयोग कर एक मजबूत घर तैयार करना चाहते हैं तो पूरे बिहार और झारखंड में इन एएसी ईटों को बनाने वाली और इनकी सप्लाई करनेवाली एक मात्र कंपनी ‘क्रिश व्हाइट ब्रिक’ है. क्रिश एएसी ईटोंं का उत्पादन सामान्य सामग्री जेसे की चूने, रेत, सीमेंट और पानी से करती है . इन सभी के मिश्रण और मोल्डिंग के बाद, इसे इसके गुणों को बनाने के लिए गर्मी और दबाव के तहत आटोक्लेव किया जाता है.

आधुनिक दौर में निर्माण पद्धतियां को लेकर कई बिंदुओं पर विचार किया जाता है, और क्रिश भी इन नई बिंदुओं के हिसाब से ही ईटों का निर्माण करता है ताकी आपके सपनों को एक मजबूत बुनियाद मिल सके. क्रिश जिन एएसी ईटों का निर्माण करती है वो पूरे तरीके से इको—फ्रेंडली होती है. यानि इन ईटों के निर्माण से वातावरण को कोई नुकशान नहीं होता है.

क्यों चुने घर बनाने के लिए क्रिश की ईटें?

एक ओर जहां  मजबूती किसी भी चीज के चुनाव को लेकर प्रमुख कारक होता है वहीं उत्पादों को कई और तरीकों से भी जांचा जाता है. इसमें सुरक्षा, लागत, प्रभावशीलता, इकों फ्रेंडली और वर्क एबिलिटी मुख्य हैं.

इन कई विशेषताओं के आधार पर ही क्रिश ऑटोक्लेवेड एरेटेड कंक्रीट ब्लॉक्स पर्यावरण के अनुकूल, कम लागत वाले, प्रभावी और सुरक्षित ईंटें होती हैं. क्रिश की ईटें पर्यावरण और अपकी परियोजना के साथ सामंजस्य बनाते हुए आपके निर्माण लागत को कम करती है. सही मायने में यह पारंपरिक मिट्टी की ईंट का यह एक ठोस विकल्प है.

ISI से प्रमाणित है क्रिश व्हाइट ब्रिक

क्रिश व्हाइ्ट ब्रिक्स के आनर शाशांक अग्रवाल ने बताते हैं कि केडब्लूबी बिहार और झारखंड की पहली ब्रिक्स कंपनी हे जिसे आईएसआई सर्टिफिकेट प्राप्त है. उन्होंने बताया कि एएसी को लेकर भारत में मानक 1984 में ही तैयार हो गया था. लेकिन बिहार में एएसी के आने में 36 साल लग गए. उन्होंने बताया कि पहले इसे दिल्ली से मंगाकर बिहार में बेचा जाता था जिसकारण यह महंगा पड़ता था. लेकिन अब इसके तीन यूनिट बिहार में ही हैं. ऐसे में अब बिहार में इसका प्रयोग बढ़ने लगा है.

अग्रवाल बताते हैं कि AAC ईटों के प्रयोग से पूरे निमार्ण के भार में 30 प्रतिशत की कमी आ जाती है. जिससे स्टील के प्रयोग में भी 20 प्रतिशत की कमी आती है. उन्होंने बताया कि ये ईटें हिटींग इंसुलेटर होती हैं जिसके कारण इनका प्रयोग आज के दिनो में ज्यादा हो रहा है. ये ईटें ईको फ्रेंडली होती हैं और भूकंप राधी भी.

कैसे करें सम्पर्क

‘क्रिश ब्रिक्स’ से सम्पर्क करने के लिए आध सीधे इनके मोबाईल नंबर 9771496501 और 9835021435 कॉल कर सकते हैं. वहीं अगर आप इनके ऑफिस में जाना चाहते हैं तो आप बुद्ध मार्ग में इनके ऑफिस में भी जाकर इनके द्वारा निर्मित ईटों के बारे में पूरी जानकारी ले सकते हैं. बुद्ध मार्ग के पुष्पांजलि वेंटाटेश एपाटमेंट के दूसरे प्लोर पर ही क्रिश व्हाइट ब्रिक का ऑफिस है. और अधिक जानकारी के लिए आप कंपनी के साईट http://www.krrishbricks.com पर जाकर भी जानकारी ले सकते हैं.

About Sahul Pandey 686 Articles
Hii Iam sahul pandey , working as sub editor in LiveCities.in . I love to write and Anchoring.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*