जीडीएसएफ प्रत्याशियों की जीत के लिए कुशवाहा ने झोंकी ताकत, आज रीगा,बथनाहा,परिहार, बाजपट्टी, हरलाखी और मोरवा में की चुनावी सभा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : तीसरे और आखिरी चरण के चुनाव के लिए सभी गठबंधन और दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. जीडीएसएफ के मुख्यमंत्री उम्मीदवार व रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने भी आज रीगा,बथनाहा,परिहार, बाजपट्टी, हरलाखी और मोरवा विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार किया. इस दौरान उन्होंने जीडीएसएफ समर्थित प्रत्याशियों के लिए वोट मांगा.

चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उपेन्द्र कुशवाहा ने लालू-राबड़ी और नीतीश कुमार के शासनकाल पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि दोनों भाईयों ने बिहार के युवाओं का बेशकिमती 30 साल बर्बाद कर दिया. पहले जिनको 15 साल मौका मिला उन्होंने बिहार का विकास करने के बजाए अपने बेटा-बेटी और परिवार का विकास करने का काम किया.



बड़े भाई के शासनकाल से मुक्ति के लिए लोगों ने मंझले भाई को 15 साल का मौका दिया. लेकिन इन्होंने भी विकास का सिर्फ ढिढ़ोरा पिटने का काम किया. जबकि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर ध्यान नहीं दिया गया. बिहार में सरकारी स्कूल हो या फिर सरकार अस्पताल सबकी खस्ता हालात है.

कुशवाहा ने आगे कहा कि अमीर के बच्चे तो पैसों की बदौलत प्राइवेट स्कूलों में अच्छी शिक्षा प्राप्त कर लेते हैं. लेकिन गरीब के बच्चों को सरकारी स्कूलों में अच्छी शिक्षा नहीं मिल पाती है. अमीर लोग पैसे की बदौलत प्राइवेट अस्पतालों में स्वास्थ्य लाभ ले लेते हैं, लेकिन गरीब लोग जब बीमार होते हैं तो उन्हें एक मात्र सहारा सरकारी अस्पताल होता है. जहां पर स्वास्थ्य व्यवस्ता का क्या हालात है यह किसी से छिपा नहीं है.

आज भी रोजगार के लिए यहां के युवा दूसरे प्रदेशों में जा रहे हैं. पिछले 30 सालों में बिहार में रोजगार मिले इसके लिए कोई उपाए नहीं किया गया. पहले वाले एक बार फिर कह रहे हैं कि हमारी सरकार बनी तो 10 लाख युवाओं को रोजगार देंगे. मैं पूछता हूं जब उनकी सरकार थी तो उनको नौकरी देने के लिए किसने रोक रखा था.

दूसरे भाई 15 साल शासन करने के बाद एक बार फिर मौका मांग रहे हैं. जिन लोगों का इनलोगों ने वोट लिया उसका भी दोनों ने भला नहीं किया. लेकिन मेरी सरकार आएगी तो समाज के हर वर्ग के लोगों को राजनीति में हिस्सेदारी दी जाएगी.

कुशवाहा ने चार-चार उपमुख्यमंत्री बनाने का दावा करते हुए कहा कि एक अणे मार्ग में उपेन्द्र कुशवाहा अकेले नहीं रहेगा उसके साथ दलित, अल्पसंख्यक, अगड़ी और अति पिछड़ा वर्ग से एक-एक उपमुख्यमंत्री भी रहेंगे. इन चार में से एक महिला उपमुख्यमंत्री होगी. रोजगार के लिए बिहार में ही अवसर उत्पन्न किया जाएगा.