पूर्व नगर आयुक्त अनुपम सुमन का बड़ा खुलासा, कहा- 2019 में मैं नहीं, सरकार और विभाग ने पटना को डूबोया

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : पटना की 2019 की वह तस्वीर आज भी राजधानीवासियों के रोंगटे खड़े कर देती है. पूरा का पूरा पटना जलमग्म हो गए थे. बीच राजधानी में वॉटर बोट और नावें चल रही थी. शहर का कोई भी ऐसा इलाका अछूता नहीं था जहां की सड़कें, गलियां पूरी तरह से डूबा ना हो. राजधानी पटना की ऐसी सूरत की देश और विदेशों में खूब चर्चा हुई थी. पटना के इस सूरत के लिए नीतीश सरकार की खूब किरकिरी हुई थी.

सरकार ने पटना की इस सूरत के लिए पूर्व नगर आयुक्त अनुपम सुमन को जिम्मेवारी ठहराते हुए तमाम आरोप मढ़ दिए थे. अपने उपर लगे आरोप का अनुपम सुमन ने सफाई दी है. पूर्व नगर आयुक्त ने कहा कि मेरे उपर लगे तमाम आरोप गलत है. जिस समय जलजमाव और बाढ़ आया मैं उस वक्त नगर आयुक्त नहीं था. 3 अगस्त 2019 को ही मैंने पद छोड़ दिया था. जबकि बाढ़ सितंबर में आयी थी.



अनुपम सुमन ने आगे कहा कि पटना में आये बाढ़ के लिए सरकार और विभाग जिम्मेवार है.  नगर निगम की कोई हैसियत नहीं, कोई शक्ति नहीं है.  पटना नगर निगम के हालत इतने खराब है कि कोई अधिकारी यहां आना नहीं चाहता है.

पटना के नगर निगम को नरक निगम करार देते हुए अनुपम सुमन ने कहा कि  मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री को भी पता नहीं होगा कि पटना में ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम में क्या फर्क है. नौकरशाही में पैसा कमाने का धंधा नहीं चलाते तो परेशानी होगी, और मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ.