पटनासिटी में छठ पूजा समिति मालसलामी की ओर से पूजा सामग्री का वितरण, कार्यक्रम में पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव हुए शामिल

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : पटनासिटी के जयरामदास साह रोड मालसलामी में छठ पूजा सामग्रियों तथा साड़ी, नारियल, सूप का वितरण किया गया. छठ पूजा समिति मालसलामी पटनासिटी की ओर से श्री बिहारीजी मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के सौजन्य से करीब 750 छठ व्रतियों को पूजन सामग्री दिया गया.

16 नवंबर से शुरू हुए इस कार्यक्रम का आज समापन हो गया. समापन कार्यक्रम में पूर्व मंत्री व विधायक नंदकिशोर यादव मौजूद रहे. दो दिन तक चले इस कार्यक्रम में कोरोना से बचाव का खासा ख्याल रखा गया. कार्यक्रम का आयोजन सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के समुचित अऩुपालन के साथ किया गया.



दो दिनों में दो पालियों में पूजा सामग्री का वितरण किया गया. पहली पाली सुबह 10 बजे होती थी और दूसरी पाली की शुरूआत दोपहर 2 बजे से होता था. प्रत्येक पाली में 125 छठ व्रतियों को कूपन प्रदान कर तथा गोल घेरा चिन्हित कर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पूजा सामग्रियों का वितरण किया गया.

कार्यक्रम समापन के अवसर पर पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव के साथ बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष तथा श्री बिहारीजी मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक ओपी शाह, रमण प्रकाश साह, लक्ष्मण प्रकाश साह, भरत प्रकाश साह, वार्ड पार्षद विनोद कुमार और अर्जुन पासवान समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे.

बता दें कि बिहार में लोकआस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ बुधवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो जाएगा. इस चार दिवसीय महापर्व के पहले दिन छठव्रती श्रद्धालु नर-नारी अंत:करण की शुद्धि के लिए नहाय-खाय के संकल्प के साथ निर्मल एवं स्वच्छ जल में स्नान करने के बाद शुद्ध घी में बना अरवा भोजन ग्रहण कर इस व्रत को शुरू करेंगे. इस दिन कद्दू की सब्जी अनिवार्य रूप से बनायी जाती है. कई जिलों में इसे कद्दू भात भी कहा जाता है. इसे लेकर श्रद्धालु आज से ही इसकी तैयारी शुरू कर दी है. व्रती घर की साफ-सफाई के साथ व्रत के लिए पूजन सामग्री खरीदने में जुट गए हैं.

नहाय-खाय के दूसरे दिन व्रती दिन भर बिना जलग्रहण किए उपवास रखने के बाद सूर्यास्त होने पर पूजा करते हैं और उसके बाद दूध और गुड़ से बनी खीर का भोग लगाया जाता है. इस दिन को खरना कहा जाता है. इसके बाद से उनका 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है. इस बार 20 नवंबर को पहला अर्घ्य तो 21 नवंबर को पारण है. इसी के साथ छठ पर्व का समापन हो जाएगा.