पूर्व विधायक का दावा : मेरे रिश्तेदारों की जिसने की थी हत्या, किसी भी हालत में नहीं दे सकता उसका साथ

लाइव सिटीज, पटना/अमित जायसवाल:  अपराधियों से सांठगांठ रखने और उनकी मदद करने के मामले में अपना नाम जोड़े जाने की बात को पूर्व विधायक चितरंजन सिंह ने बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा है कि कुख्यात माणिक और फरार चल रहे उसके पिता मनोज सिंह से उनका कोई लेना-देना नहीं है. न ही उन लोगों से कोई कनेक्शन है, जिन्होंने पांडव सेना के सरगना संजय सिंह पर गोली चलाई थी.

चितरंजन सिंह का कहना है कि पॉलिटिकल व्यक्ति होने की वजह से जबरन उनका नाम घसीटा जा रहा है. बहुत सारे लोग मेरे घर आते हैं और ठरते हैं. इसका मतलब ये नहीं है कि अपराधी मेरे घर आये थे, वो रुके थे या फिर किसी भी प्रकार की मदद मेरी तरफ से उन्हें की गई थी. ऐसा बिल्कुल भी नहीं है.



दरअसल, पूर्व विधायक को अपना पक्ष इसलिए रखना पड़ रहा है कि पांडव गिरोह के सरगना संजय सिंह पर जिन अपराधियों ने गोली चलाई थी. उन्हें पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की पूछताछ में शूटर उज्ज्वल और गौरव ने पूर्व विधायक चितरंजन सिंह और उनके भाई कुणाल का नाम लिया है. इस मामले के सामने आने के बाद से बवाल मच गया. इन दोनों शूटर को कुख्यात अपराधी माणिक ने हायर किया था.

इस पूरे मामले पर पूर्व विधायक चितरंजन सिंह का कहना है कि अपराधी माणिक के पिता मनोज सिंह ने करीब 20 साल पहले उनके रिश्तेदार विमल सिंह और उनके भाई की हत्या कर दी थी. ऐसी स्थिति में वो माणिक और उसके शूटर्स की मदद कैसे कर सकते हैं? उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव नजदीक में है, ऐसी स्थिति में उन्हें बदनाम करने की साजिश विरोधियों की तरफ से रची जा रही है.