पूर्व सांसद लवली आनंद बोलीं- विकास एवं राष्ट्रवाद जीता वहीं ‘अहंकारी’ और सवर्ण विरोधी हारा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : पटना के स्थानीय होटल में आज मीडिया से बात करती हुई पूर्व सांसद लवली आनंद ने एनडीए की प्रचंड जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दी. और बिहार की जनता का भी आभार प्रकट किया. आगे उन्होंने कहा कि बिहार आंदोलन और बदलाव की धरती है. साल 1957, 1942 और 1974 इसके गवाह हैंं. आज एक बार फिर बिहार ने यह साबित कर दिया. हमने लोगों से एक ‘सशक्त भारत और विकसित बिहार’ के लिए वोट मांगा था. परिणाम यह बताने के लिए काफी है कि लोग मोदी जी के हाथों देश को सुरक्षित मानते हैं.

हमने पूर्व में ही यह घोषणा किया था कि 23 मई को महगठबंधन के शूरमाओं के अहंकार को जनता चकनाचूर करेगी, जो सच साबित हुआ. धनपशुओं को धूल चटाने के लिए बिहार की महान जनता को बहुत -बहुत आभार. यह अहंकार और भ्रष्ट आचरण की हार और स्थायित्व और विकास की जीत है. नौसिखियों का घमंड,सीटों की छीना-झपटी और खरीद-फरोख्त हार के मुख्य कारणों में से हैं. अकेले महागठबंधन की 40 सीटों पर 400 करोड़ से ज्यादा के कारोबार हुए.



‘सवर्ण आरक्षण’ का एक तरफा विरोध भी महागठबंधन की पराजय का मुख्य कारण बना. कांग्रेस ने अपने लाखों कार्यकर्ताओं के पुरुषार्थ पर नहीं एक ‘पॉलीटिकल ब्रोकर’ की दलाली पर ज्यादा भरोसा जताया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल जी के कहे अनुसार हम कांग्रेस में ‘फ्रंट फुट’ की राजनीति करने आए थे, ‘बैक फुट’ कि नहीं. अगर कांग्रेस को एक ही सीट जीतनी थी तो फिर नौसिखिया और आसमानी नेताओं के सामने घुटने टेकने की जरूरत है क्या थी? कांग्रेस अगर स्वतंत्र रूप से अकेले लड़ने का जोखिम उठाती तो आने वाले कल में वह बिहार में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरती. कांग्रेस ने यह स्वर्णिम मौका खो दिया.

2020 का परिणाम भी इससे अलग नहीं होंगे. लोग अराजकता और भ्रष्टाचार की जगह स्थायित्व और विकास को वोट पसंद करेंगे. बिहार की जनता 90 के दशक के ख़ौफ़नाक और अंधे दौर में लौटना नहीं चाहती. ‘संपूर्ण क्रांति पखवाड़ा’ 16 जून को फ्रेंड्स ऑफ आनंद पूर्व सांसद आनंद मोहन जी की ससम्मान रिहाई को लेकर एमएलटी कॉलेज ग्राउंड में 1 लाख लोगों के साथ ‘शांतिमय प्रदर्शन’ करेगा.

वहीं 2 अक्टूबर 2019 को गांधी जयंती पर सीटों की खरीद-फरोख्त और राजनीति में धनबल के खिलाफ रविंद्र भवन पटना से सत्याग्रह का आगाज करेगा. उसी दिन आनंद मोहन जी विरचित पुस्तक ‘गांधी’ का लोकार्पण भी होना तय है. संवाददाता सम्मेलन में फ्रेंड्स ऑफ आनन्द के प्रदेश प्रवक्ता पवन राठौर, वरीय नेता दीपक कुमार सिंह, राजन कुमार, केशव पांडेय, विकास सिंह, राजेश सिंह और संजय सिंह आदि भी उपस्थित थे.