दिल्ली के ITO कब्रिस्तान में सुपुर्दे-ए-खाक हुए पूर्व सांसद शहाबुद्दीन, बेटे ओसामा शाहाब ने तेजस्वी के खिलाफ खोल दिया मोर्चा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: दिल्ली में सुपुर्दे-ए-खाक हो गए आरजेडी के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन. मौजूद लोगों ने नम आंखों से पूर्व सांसद को अंतिम विदाई दी. दिल्ली के आईटीओ कब्रिस्तान में दफनाया गया. बेटे ओसामा शाहाब समेत परिवार के सदस्य और शुभचिंतक मौजूद रहे. सभी शहाबुद्दीन की अंतिम विदाई में शामिल हुए. बता दें कि शनिवार को कोरोना संक्रमित शाहाबुद्दीन का निधन हो गया था. उनके शव को बिहार लाने की मांग को लेकर उनकी पत्नी हिना शाहाब ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. लेकिन कोर्ट ने शव को नहीं सौंपा. कोर्ट ने तिहाड़ जेल प्रशासन को कोविड प्रोटोकॉल के तहत सुपुर्दे-ए-खाक करने का निर्देश दिया.

इधर शहाबुद्दीन के निधन पर तेजस्वी ने ट्वीट कर लिखा कि ”हम ईश्वर से मरहूम शहाबुद्दीन साहब की मग़फ़िरत की दुआ करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि उन्हें जन्नत में आला मक़ाम मिले. उनका निधन पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है. राजद उनके परिवार वालों के साथ हर मोड़ पर खड़ी रही है और आगे भी रहेगी”.

तेजस्वी ने आगे ट्वीट किया कि ”इलाज़ के सारे इंतज़ामात से लेकर मय्यत को घरवालों की मर्ज़ी के मुताबिक़ उनके आबाई वतन सिवान में सुपुर्द-ए-ख़ाक करने के लिए मैंने और राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्वयं तमाम कोशिशें की,परिजनों के सम्पर्क में रहें लेकिन सरकार ने हठधर्मिता अपनाते हुए टाल-मटोल कर आख़िरकार इजाज़त नहीं दिया”

“शासन-प्रशासन ने कोविड प्रोटोकॉल का हवाला देकर अड़ियल रुख़ बनाए रखा। पोस्ट्मॉर्टम के बाद प्रशासन उन्हें कहीं और दफ़नाना चाह रहा था लेकिन अंत में कमिशनर से बात कर परिजनों द्वारा दिए गए दो विकल्पों में से एक ITO क़ब्रिस्तान की अनुमति दिलाई गयी। ईश्वर मरहूम को जन्नत में आला मक़ाम दे”.

बता दें कि तिहाड़ की जेल संख्या दो में बंद शहाबुद्दीन का पहले जेल परिसर स्थित अस्पताल में इलाज किया गया, लेकिन हालत में सुधार होता नहीं देख उन्हें हरि नगर स्थित दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में 20 अप्रैल को भर्ती कराया गया था. यहां आईसीयू में लगातार उसका उपचार चल रहा था. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. तबीयत खराब होने के बाद उनका कोरोना टेस्‍ट कराया गया था. 21 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट में कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी. इसके बाद उनका इलाज दिल्‍ली के एक अस्‍पताल में कराया जा रहा था. उनकी तबीयत काफी अधिक खराब होने के बाद दो दिनों से वेंटिलेटर पर रखा गया था.