बिहार में चार प्रमुख नदियां खतरे के निशान के पार, गंगा ने थामी रफ़्तार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: लगातार हो रही बारिश ने शहर की स्थिति नरक जैसी कर दी है. बारिश के बाद उत्तर बिहार में कई जगह बाढ़ की स्थिति पैदा हो गयी है. लगभग सारी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. बक्सर में गंगा का पानी ऊपर चढ़ने लगा है. वहीं, नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश से महानंदा, बागमती, कमाल बलान एवं कोसी खतरे के निशान को पार कर गईं हैं.

इधर, मौसम विभाग ने पटना समेत पांच जिलों के लिए भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई है. मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के पांच जिलों- मुजफ्फरपुर, सीवान, जहानाबाद, पटना और गोपालगंज में बारिश की चेतावनी दी गयी है. जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है.



विभिन्न नदियों के नेपाल स्थित जलग्रहण क्षेत्रों में अगले दो दिन में 10 से 30 सेमी बारिश के आसार के चलते उत्तर बिहार की अधिकतर नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका है. कोसी, बागमती, कमला बलान एवं महानंदा सोमवार को भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं. इस दौरान राज्य में कई स्थानों पर करीब 50 मिमी से अधिक बारिश हुई है.

वहीं, महानंदा नदी ढेंगराघाट में 105 सेमी तो पूर्णिया में 52 सेमी ऊपर बह रही है. कमला बलान का जलस्तर जयनगर और झंझारपुर में लाल निशान से ऊपर आ चुका है. हालांकि रविवार की तुलना में पानी थोड़ा नीचे आया है. फिर भी जयनगर में 30 सेमी और झंझारपुर में पांच सेमी लाल निशान से ऊपर के स्तर पर है. ढेंग पुल के पास बागमती का जलस्तर 39 सेमी और रून्नीसैदपुर में 66 सेमी ऊपर है. बेनीबाद में भी 20 सेमी ऊपर है.

नेपाल स्थित जलग्रहण क्षेत्र में अगले 48 घंटे के दौरान बारिश की चेतावनी दी गयी है. इसलिए बागमती किनारे के इलाकों को सतर्क किया गया है. कोसी नदी का डिस्चार्ज बढ़ा है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के हिसाब से तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने के लिए कहा गया है. बराज के पास डिस्चार्ज करीब डेढ़ लाख क्यूसेक है. बसुआ में कोसी खतरे के निशान से 43 सेमी ऊपर है, जबकि बालतारा में 60 सेमी ऊपर बह रही है.

इधर मुजफ्फरपुर में लगातार हो रही बारिश ने शहर की स्थिति नरक जैसी कर दी है. बारिश के बाद शहर के मोती झील में सड़कें जलमग्न हो जाती हैं लेकिन बारिश ने अब पानी को दुकानों में पहुंचा दिया है. जिससे व्यापारी काफी परेशान दिखाई दे रहे हैं. गंदा पानी दुकान में आने से उनको काफी नुकसान हो रहा है. वहीं व्यापारी इसके लिए सीधे- सीधे नगर निगम को जिम्मेदार बता रहे हैं.