विदेशों में भी धूमधाम से मनाया गया छठ महापर्व, कनाडा में बेतिया की रहने वाली गायत्री देवी ने दिया अर्घ्य

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : बिहार का महापर्व छठ अब इस मुल्क की सरहद को पार कर आस्ट्रलिया, कनाडा जैसे विदेशी मुल्कों में भी अपनी जड़ें जमा चुका है. पश्चिम चम्पारण के बेतिया शहर की गायत्री देवी पिछले 20 वर्षो से कनाडा में पूरे विधि विधानपूर्वक छठ पूजा करती हैं. राजधानी ओटावा में रहने वाली गायत्री का पूरा परिवार छठ के शुभ अवसर एक जगह एकत्रित होता है और छठ पूजा मनाता है.

अरेराज के टिकुलिया की रहने वाली गायत्री देवी के पति संतोष दुबे कनाडा के एक कंपनी में मैनेजर के पोस्ट पर कार्यरत हैं .पिछले 25 वर्षो से उनका परिवार ओटावा में रहता है. वहां गायत्री देवी छठ पूजा करती हैं और पूरा परिवार पूर्ण आस्था के साथ शिरकत करता है. पर्व के लिए वे लोग अपने गेट पर ही घाट बनाते हैं. पूजन में उनके विदेशी मित्र भी शामिल होते हैं.



केवल गायत्री देवी ही नहीं कनाडा के ओटावा में उत्तर प्रदेश  और बिहार के बहुत सारे लोग रहते हैं जो अपनी संस्कृति को वहां जिंदा रखते हैं. वे सभी लोग छठ पूजन करते हैं. पूजी की सामग्री भी वहां के बाजारों में सहजता से मिल जाती है.

बता दें कि लोक आस्था का महापर्व छठ शनिवार को उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो गया. घर से लेकर घाट तक छठ ही छठ छाया रहा. शहर हो या गांव कोरोना संकट पर आस्था भारी पड़ गई. गंगा तटों से लेकर तालाबों व जलाशयों में भी श्रद्धालुओं की जबर्दस्त भीड़ रही. राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में छठ व्रतियों ने नदियों और तालाबों के किनारे आकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया. खासकर, शहरों में घरों और अपार्टमेंट की छतों पर भी अर्घ्य दिया गया. कोरोना संकट को लेकर प्रशासन की अपील का असर दिखा.

 राजधानी में शांति पूर्वक छठ संपन्न होने पर जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है. इसको लेकर प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने मीडिया से कहा कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए पिछले वर्ष की तुलना में 35 परसेंट कम लोग गंगा घाट पर अर्घ्‍य देने पहुंचे थे. प्रशासन भी इसे लेकर लोगों से घर की छतों पर ही छठ मनाने की अपील कई दिनों से कर रहा था. इसे लोगों ने सकारात्मक ढंग से लिया.