पद्मावत पर गिरिराज : आजादी का मतलब यह नहीं कि कोई गांधी जी को कथक करते दिखा दे

giriraj singh
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज डेस्क : केंद्रीय मंत्री और नवादा सांसद गिरिराज सिंह हमेशा अपने कड़े तेवर और विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं. हिन्दू -मुस्लिम मुद्दे पर बेबाकी से राय रखने वाले गिरिराज सिंह अब पद्मावत विवाद में कूद पड़े हैं. उन्होंने इस बार इस फिल्म पर अपनी राय देने के दौरान महात्मा गांधी का एक अजीब उदहारण पेश कर दिया. उन्होंने  फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन  पर कहा कि कोई इसके नाम पर कुछ भी तो नहीं कर सकता न ? क्या गांधी जी को कोई भांगड़ा करते दिखा देगा ? 

गिरिराज सिंह ने बीकानेर में कहा कि ” देश में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर क्या कोई भी गांधी जी को भांगड़ा या कथक करते दिखा सकता है. “वह स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्र्वविद्यालय के परीक्षा भवन का उद्घाटन करने शनिवार को बीकानेर पहुंचे थे.

गिरिराज सिंह ने इस दौरान मीडिया द्वारा पूछे गये सवालों के जवाब भी दिए. उन्होंने पद्मावत फिल्म को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि हमेशा से ही हिंदू धर्म को फिल्मों में निशाने पर लिया जाता है. उन्होंने पूछा कि फिल्मकार अन्य धर्मों को लेकर इस तरह की कोई विवादित फिल्म क्यों नहीं बनाते. उन्होंने कहा कि पद्मावत को या कोई अन्य फिल्म इतिहास के साथ छेड़छाड़ बर्दास्त नहीं की जा सकती है.

फिल्म को बैन करने की मांग का समर्थन करते हुए उन्होने कहा कि मुझे दुख है कि करणी सेना ने इस मुद्दे को केवल राजपूत समाज से जोड़कर रखा. यदि वो इसे समस्त हिंदू समाज से जोड़कर फिल्म को बैन कराने की मांग करते तो उनके आंदोलन को और ज्यादा मजबूती मिलती. गिरिराज सिंह  ने कहा कि रानी पद्मिनी एक वीरांगना थीं और फिल्म में उन्हें डांस करते हुए दिखाया गया है जो सरासर गलत है. उन्होनें कहा कि अपने देवी-देवताओं और इतिहास पुरुषों का अपमान अब हम नहीं सहेंगे.

इस मौके पर केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री और स्थानीय सांसद अर्जुन मेघवाल ने कहा कि फिल्म में किसी भी देश की सभ्याता और संस्कृति के साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए. बिहार में भड़की पद्मावत की आग, होम मिनिस्ट्री के अलर्ट के बीच सिनेमाघरों में तोड़फोड़ 

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