मोगैंबो खुश हुआ : गूगल ने डूडल बनाकर अमरीश पुरी को दी श्रद्धांजलि

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : अपनी जादुई अदाकारी के दम पर पूरे बॉलीवुड पर 30 साल तक राज करने वाले दिग्गज अभिनेता अमरीश पुरी का आज 87वां जन्मदिन है. अमरीश पुरी के जन्मदिन के मौके पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी है. उनका जन्म 22 जून 1932 में अविभाजित पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था. अपने 30 साल के करियर में अमरीश पुरी ने 400 से ज्यादा फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी.

निगेटिव किरदारों के बाद भी मिला दर्शकों का प्यार

अमरीश पुरी बॉलीवुड के ऐसे पहले स्टार थे जिन्हें निगेटिव किरदारों के बावजूद भी दर्शकों का जबर्दस्त प्यार और सम्मान मिला. उन्होंने अपनी अधिकतर फिल्मों में खलनायक का किरदार निभाया. हालांकि खलनायक का रोल करने के बाद भी वो नायक से ज्यादा सुर्खियां और प्यार बटोर कर ले जाते थे. उनके रौबिले अंदाज में बोले गए डायलॉग आज भी लोगों की जुबान पर छाये हुए हैं. मिस्टर इंडिया, त्रिदेव, मेरी जंग, घायल जैसी फ़िल्मों के जरिए अमरीश पुरी ने अपने अभिनय का लोहा का मनवाया. अमरीश पुरी का निधन साल 2005 में 12 जनवरी को हुआ.

अमरीश पुरी ने 30 सालों से भी ज़्यादा समय तक हिंदी फिल्मों में काम किया। इस दौरान उन्होंने ज्यादातर निगेटिव भूमिकाएं ही निभाई. लेकिन इसके बावजूद भी वो फिल्म के नायक से ज्यादा दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब होते थे. नकारात्मक भूमिकाओं को वो इस ढंग से निभाते थे कि हिंदी फिल्मों में ‘बुरे आदमी’ का पर्याय बन गए.

1967 में उनकी पहली मराठी फिल्म ‘शंततु! कोर्ट चालू आहे’ आई थी. बॉलीवुड में उन्‍होंने 1971 में ‘रेशमा और शेरा’ से डेब्‍यू किया था. दर्शकों को अमरीश पुरी का निगेटिव किरदार भी बहुत भाता था. मिस्टर इंडिया, शहंशाह, करण-अर्जुन, कोयला, दिलजले, विश्वात्मा, राम-लखन, तहलका, गदर, नायक, दामिनी जैसी फिल्मों में वह निगेटिव किरदार में थे. लेकिन इन फिल्मों को सुपरहिट बनाने में अमरीश पुरी का बड़ा योगदान रहा था.

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मोगैंबो खुश हुआ

अमरीश पुरी ने ‘नसीब’, ‘विधाता’, ‘हीरो’, ‘अंधा कानून’, ‘अर्ध सत्य’, ‘हम पांच’ और ‘ग़दर’ जैसी फिल्मों में बतौर खलनायक ऐसी छाप छोड़ी कि फ़िल्म प्रेमियों के मन में उनके नाम से ही ख़ौफ़ पैदा हो जाता था. साल 1987 में फ़िल्म ‘मिस्टर इंडिया’ में उनका किरदार ‘मोगैम्बो’ बेहद मशहूर हुआ। फ़िल्म का संवाद ‘मोगैम्बो खुश हुआ’, आज भी लोगों के ज़ेहन में बरक़रार है। फ़िल्म ‘नागिन’ में उन्होंने तांत्रिक का ऐसा किरदार निभाया जिसे कोई आज तक भुला नहीं पाया है.

 

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