कोरोना से मृत्यु पर सरकारी सेवक के परिजनों को विशेष पारिवारिक पेंशन देगी सरकार, सूचना सचिव अनुपम कुमार ने दी जानकारी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं विभिन्न नदियों के जलस्तर को लेकर सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों  की जानकारी सूचना सचिव अनुपम कुमार, प्रधान सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन दीपक कुमार सिंह, सचिव स्वास्थ्य लोकेश कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार, अपर सचिव आपदा प्रबंधन रामचंद्र डू एवं जल संसाधन विभाग के प्रभारी पदाधिकारी ने दी.

सचिव, सूचना एवं जन-सम्पर्क अनुपम कुमार ने बताया कि कोविड-19 एवं बाढ़ की वर्तमान स्थिति को लेकर प्रतिदिन गहन समीक्षा कर सुधारात्मक कार्रवाई के लिए सभी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं. टेस्टिंग की संख्या लगातार बढ़ायी जा रही है और अब सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर डिमांड बेस्ड टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. हॉस्पिटल्स में क्वालिटी ऑफ ट्रीटमेंट बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया है और लोगों को एडमिट होने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं.



सरकार ने यह निर्णय लिया है कि कोविड-19 संक्रमण के कारण अगर दुर्भाग्यवश किसी सरकारी सेवक की मृत्यु हो जाती है और यदि उनके परिजन अनुकंपा का लाभ नहीं लेना चाहते हैं तो उनके रिटायरमेंट की तिथि तक उनके परिवार को पूरा वेतन मिलेगा. इसे विशेष पारिवारिक पेंशन कहा जाएगा और उसके बाद पारिवारिक पेंशन भी मिलेगी. सरकार के स्तर से जो भी सहायता संभव है, वह दी जायेगी, इसके लिए सरकार लगातार आवश्यक कार्रवाई कर रही है.

स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना से पिछले 24 घंटे में 1,536 लोग स्वस्थ हुए हैं और अब तक 27,844 लोग कोविड-19 संक्रमण से स्वस्थ हो चुके हैं. इस प्रकार बिहार का रिकवरी रेट 67.73 प्रतिशत है. 26 जुलाई से अब तक कोविड-19 के 812 मामले प्रतिवेदित हुए हैं, जबकि 25 जुलाई एवं पूर्व के 1,380 कोरोना संक्रमण के नये मामले भी सामने आये हैं. वर्तमान में बिहार में कोविड-19 के 13,011 एक्टिव मरीज हैं. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में 14,236 सैंपल्स की जांच की गई है और अब तक की गयी कुल जांच की संख्या 4,70,560 है.

लोकेश कुमार सिंह ने बताया की जांच की संख्या अधिक से अधिक बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयत्नशील है ताकि लोगों की डिमांड बेस्ड जाँच सुलभ तरीके से की जा सके. इसके लिए सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर रैपिड एंटीजन किट्स उपलब्ध कराये गये हैं और पी0एच0सी0 लेवल पर ही रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है. कांटेक्ट ट्रेसिंग पर विशेष जोर दिया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा जांच हो सके.

अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय जितेन्द्र कुमार ने बताया कि सरकार द्वारा 1 जुलाई से लागू अनलॉक-2 के तहत जारी गाइडलाइन्स का अनुपालन कराया जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 01 कांड दर्ज किया गया है और 06 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है. इस दौरान 825 वाहन जब्त किये गये हैं और 18 लाख 65 हजार 700 रूपये की राशि जुर्माने के रुप में वसूल की गई है. इस प्रकार 1 जुलाई से अब तक 38 कांड दर्ज किये गये हैं और 40 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई है. कुल 22,143 वाहन जब्त किए गए हैं और करीब 05 करोड़ 21 लाख रुपए की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है.

उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने वाले लोगों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. पिछले 24 घंटे में मास्क नहीं पहनने वाले 12,152 व्यक्तियों से 06 लाख 07 हजार 600 रूपये की राशि जुर्माने के रूप में वसूल की गयी है. इस प्रकार 05 जुलाई से अब तक मास्क नहीं पहनने वाले 1,20,210 व्यक्तियों से 60 लाख 10 हजार 500 रूपये की जुर्माना राशि वसूल की गयी है. कोविड-19 से निपटने के लिये उठाये जा रहे कदमों और नये दिशा-निर्देशों का पालन करने में अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्ती से कदम उठाये जा रहे हैं.

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि 9 अगस्त तक पूरे बिहार में 2.51 करोड़ पौधे लगाने का हमारा लक्ष्य है, जिस पर काम जारी है. पौधारोपण कार्यक्रम का समापन बिहार पृथ्वी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा किया जायेगा.

उन्होंने कहा कि अभी हम जिस गति से चल रहे हैं, उससे उम्मीद है कि इस लक्ष्य को हम प्राप्त कर लेंगे. अभी तक 66 लाख जीविका दीदियां इस कार्यक्रम से जुड़ी हैं. जीविका दीदियां ये पौधा अपने घर-आंगन में लगा रही हैं जिसके कारण पौधों की सुरक्षा में कोई परेशानी नहीं होगी. अभी तक करीब 35 लाख जीविका दीदियों को पौधे दिये जा चुके हैं, जो उनके द्वारा लगाये जा चुके हैं.

दीपक कुमार सिंह ने बताया कि.षि वानिकी के तहत हमने बड़े पैमाने पर किसानों को भी जोड़ने की कोशिश की है. 20 हजार से ज्यादा किसान हमसे जुड़े हैं. अभी तक 12 लाख से ज्यादा पौधे किसानों ने कि.षि वानिकी के तहत अपने खेतों में लगाये हैं. हमारी कोशिश है कि इस आंकडें को 20 लाख तक पहुंचाया जाए. इस अभियान में .षि विभाग के कर्मी और जीविका दीदियां भी हमारे साथ लगी हैं. इस अभियान में हमने स्वंयसेवी संस्थाओं, केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों और केंद्रीय उपक्रमों को भी अपने साथ जोड़ा है. बिहार चैम्बर्स ऑफ कामर्स, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, धार्मिक न्यास पर्षद और शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड जैसी संस्थाओं द्वारा भी पौधारोपण किया जा रहा है. शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष धन्यवाद के पात्र हैं, जिन्होंने अपने जिले के प्रभारियों के साथ बैठक कर पौधारोपण के कार्य में विशेष रुचि दिखाई है. इन सभी संस्थाओँ को विभाग सिर्फ पौधे उपलब्ध करा रहा है बाकी खर्च वे अपनी संस्था की ओर से कर रहे हैं. बिहार पृथ्वी दिवस के अवसर पर बिहार की हर पंचायत में एक वृक्षारोपण का कार्यक्रम होगा. इसके साथ ही हर जिला मुख्यालय में भी कार्यक्रम होगा.

दीपक कुमार सिंह ने बताया कि राजगीर जू सफारी मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है और राज्य सरकार इसे शीघ्र प्रारंभ करना चाहती है. विभाग की कोशिश है कि 15 अगस्त तक राजगीर जू सफारी की ओपनिंग हो जाय. इसे लेकर काफी तेजी से काम चल रहा है. इसमें जानवरों के लिए 5 अलग-अलग तरह के बाड़े रहेंगे और दर्शक बसों के माध्यम से इसका लुत्फ उठा पायेंगे.

इसके अलावा राजगीर में एक नेचर सफारी भी बन रहा है जिसका कार्य भी प्रगति पर है. राजगीर में वेणुवन के विस्तारीकरण का कार्य भी चल रहा है. इस बार नये सीजन में राजगीर अपने नये लुक में नजर आयेगा राजगीर जू सफारी पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान के बाद बिहार का दूसरा जू होगा. इसके अलावा 110 एकड़ में एक जैव विविधता पार्क जमुई के माधोपुर में बन रहा है. यहां पर बच्चों के साथ ही प्र.ति प्रेमियों के लिए विभिन्न प्रकार के वृक्षों का समावेश किया गया है. दर्शक यहां आईलैंड, तालाब और पेड़ पौधें का लुत्फ उठा सकेंगे. अररिया के रानीगंज के जैव विविधता पार्क में राज्य के दूसरे चिड़ियाघर स्थापित करने को लेकर प्रारंभिक तैयारी शुरु कर दी गई है.

जल संसाधन विभाग के प्रभारी पदाधिकारी, बाढ़ अनुश्रवण सेल ने राज्य की विभिन्न नदियों के जलस्तर एवं बाढ़ सुरक्षात्मक तटबंधों की स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि कोसी का जलस्राव अभी 1 लाख 76 हजार 525 क्यूसेक है और राइजिंग ट्रेंड में है. गंडक नदी में 2 लाख 18 हजार क्यूसेक का डिस्चार्ज है और इसके जलस्तर में वृद्धि की प्रवृति है. पूर्वानुमान में नेपाल और बिहार प्रभाग में गंडक, बागमती एवं महानंदा नदी में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गयी है, जिसके कारण जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना है. ढेंग में बागमती नदी की अभी फॉलिंग प्रवृति है. हायाघाट में बागमती नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है और यह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बूढी गंडक के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है. इसके अलावा शेष नदियों का जलस्तर स्थायी (स्टैटिक) है या फॉलिंग टेंडेंसी में है, कही कोई कठिनाई नहीं है. पूर्वानुमान में 28-29 और 29-30 को नेपाल की तरफ तथा बिहार के सीमावर्ती इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.

 आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्र डू ने बताया कि बिहार की विभिन्न नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह से सतर्क है. नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 11 जिले के कुल 93 प्रखंडों की 765 पंचायतें प्रभावित हुयी हैं, जहाँ आवश्यकतानुसार राहत शिविर चलाए जा रहे हैं. सुपौल में 03, पूर्वी चम्पारण में 14, गोपालगंज में 09 और खगड़िया में 03 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं. इन सभी 29 राहत शिविरों में कुल 12,858 लोग आवासित हैं.

उन्होंने बताया कि 703 कम्युनिटी किचेन चलाए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन 3,28,357 लोग भोजन कर रहे हैं. सभी बाढ़ प्रभावित जिलों में एन0डी0आर0एफ0 और एस0डी0आर0एफ0 की टीमें राहत एवं बचाव का कार्य कर रही हैं और अब तक प्रभावित इलाकों से एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 और बोट्स के माध्यम से 1,67,005 लोगों को निष्क्रमित किया गया गया. इस वर्ष अब तक बाढ़ से 8 लोगों की मृत्यु हुई है जिनमे दरभंगा के 04 और पश्चिमी चम्पारण के 04 लोग शामिल हैं. शनिवार (25 जुलाई) से प्रभावित लोगों के लिये हेलीकॉप्टर के माध्यम से फूड पैकेट्स गिराये जा रहे हैं. बाढ़ प्रभावित जरूरतमंद लोगों को पॉलिथिन सीट्स भी उपलब्ध कराया गया है. मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान को देखते हुए सभी जिलों को अलर्ट करा दिया गया है. आपदा प्रबंधन विभाग सम्पूर्ण स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है.