आनंद किशोर को हटाने की याचिका पड़ी महंगी, अब भरना होगा 50 हजार जुर्माना

पटना (एहतेशाम): बिहार बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर के खिलाफ याचिका डालना एक याचिकाकर्ता को महंगा पड़ गया. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष को हटाने की मांग करने वाली याचिका पर पटना उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए याचिका को खारिज कर दिया साथ ही साथ अदालत ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. 

चेयरमैन को हटाने के लिए डाली गयी याचिका पर न्यायाधीश एहसानुद्दीन अमानुल्लाह की एकलपीठ ने सुनवाई की. बता दें कि यह याचिका शंभु कुमार सिंह एवं अन्य कई ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

बता दें कि पिछले दो सालों से बिहार बोर्ड विवादों में घिरा रहा है. दोनों सालों में फर्जी टॉपर की वजह से बोर्ड की फजीहत हुई है. साथ ही खराब रिजल्ट ने बिहार की चरमराई शिक्षा व्यवस्था की पोल दुनिया भर में खोल कर रख दी. छात्रों के हंगामे के बीच राज्य में बहुत कुछ घटा. सवाल बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर पर भी उठने लगे थे. शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी भी चेयरमैन आनंद किशोर को नोटिस भेज कर तलब किये थे.

इसी क्रम में कई छात्रों और लोगों ने बोर्ड के खराब रिजल्ट और फर्जीवाड़े का ठिकरा आनंद किशोर पर फोड़ते हुए मामले को अदालत में पहुंचा दिया. उनके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका डाल दी गई. जिस पर अदालत ने अहम सुनवाई की.

8 अगस्त तक पेश करें धान खरीददारी की रिपोर्ट

वहीं एक अन्य मामले में भी हाई कोर्ट ने सुनवाई की. सूबे के सभी पैक्सों को धान खरीददारी की रिपोर्ट  8 अगस्त तक अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश पटना उच्च न्यायालय ने दिया है. न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने स्टेट फूड कार्पोरेशन की ओर से दायर एलपीए (अपील)  पर सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

गौरतलब है कि पटना उच्च न्यायालय की एकलपीठ ने बिहार स्टेट फूड कार्पोरेशन को पैक्स से बचे हुए धान एवं चावल खरीदने का निर्देश दिया था.  एकलपीठ के उक्त आदेश को चुनौती देते हुए बीएसएफसी ने हाईकोर्ट की खण्डपीठ के समक्ष अपील दायर की थी.

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