बिहारःनियोजित शिक्षकों के वेतन मामले पर सुप्रीम सुनवाई, प्रधान सचिव RK महाजन रहेंगे कोर्ट रूम में

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः बिहार के नियोजित शिक्षकों के समान काम समान वेतन के मामले पर आज फिर से दिल्ली में सुनवाई होनी है. सुप्रीम कोर्ट बिहार सरकार और शिक्षक पक्ष की दलीलें सुनेगा. उम्मीद है कि आज सुप्रीम कोर्ट कोई बड़ा फैसला दे सकता है. आपको बता दें कि आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बिहार के शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव RK महाजन भी मौजूद रहेंगे. इसके साथ ही साथ शिक्षा विभाग के 3 अधिकारी भी वहां होंगे. ये अधिकारी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बिहार सरकार का पक्ष रखेंगे.

पूरे दिन चलेगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

आपको बता दें कि बिहार के लगभग पौने चार लाख नियोजित शिक्षकों को समान काम के बदले समान वेतन मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज 28 अगस्त को 15वें दिन न्यायमूर्ति द्वय अभय मनोहर सप्रे एवं उदय उमेश ललित की खंडपीठ में सुनवाई होगी. बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता अभिषेक कुमार ने बताया कि 28अगस्त को 11नंबर कोर्ट में समान काम के बदले समान वेतन का मामला सूची में नौवें नंबर है और सुनवाई पूरे दिन चलेगी. संघ की ओर से वरीय अधिवक्ता डॉ अभिषेक मनु सिंघवी अपना पक्ष रखेंगे.

पिछले 23 अगस्त को हुई सुनवाई में शिक्षकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसरिया ने बहस करते हुए कहा था कि शिक्षकों का समाज में महत्वपूर्ण स्थान है. भारत के संविधान में भी शिक्षा का महत्व व मौलिक अधिकार है जिसकी महत्व भारत सरकार और न ही बिहार सरकार देती है. शिक्षा का बजट भी कम बनाती है,साथ ही जो बजट बनाती भी है जिसका संसद और विधान मंडल द्वारा आवंटन भी होता है मगर उसका भी सरकार पूरा और सही उपयोग नहीं कर पाती है.

उन्होंने आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए कहा था कि लगभग 1500 करोड़ की राशि शिक्षा विभाग ने उपयोग ही नहीं किया. अगर यह राशि उपयोग होती तो शिक्षकों का समाधान हो जाता. इन शिक्षकों के सवाल को पीछे धकेलकर सिर्फ डाइंग (मृत कैडर) कहकर सरकार पल्ला झाड़ना चाहती है और शिक्षकों के महत्व को रोज-रोज घटा रही है. वरीय अधिवक्ता विभा दत्त मखीजा ने भी शिक्षकों का पक्ष रखा था और पिछले दिन इनकी बहस अधूरी रह गई थी जो 28 अगस्त को अपनी बहस पूरी करेंगी.

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