शहाबुद्दीन पर हाई कोर्ट में सुनवाई रही अधूरी…

shahabuddin-123
फाइल फोटो

पटना (एहतेशाम) : सीवान के बहुचर्चित तेजाब हत्याकांड की सुनवाई उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गुरुवार से पटना उच्च न्यायालय में शुरू हुई. न्यायाधीश केके मंडल एवं न्यायाधीश संजय कुमार के खण्डपीठ ने पूर्व सांसद मो शहाबुद्दीन एवं अन्य कइयों की ओर से दायर याचिका पर आज सुनवाई की . वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हो रही शहाबुद्दीन की सुनवाई आज अधूरी रही. अब यह सुनवाई कल भी जारी रहेगी. 

गौरतलब है कि दोहरे हत्याकांड में निचली अदालत द्वारा पूर्व सांसद मो.  शहाबुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनायी गयी थी. निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए मो शहाबुद्दीन ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी. इससे पहले बचाव पक्ष के वकील ने कहा था कि दो सगे भाइयों की हत्या के चश्मदीद गवाह राजेश रौशन की हत्या 16 जून, 2014 को हुई थी और उस समय मो शहाबुद्दीन भागलपुर जेल में बंद थे. उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड में उनके मुवक्किल पर कोई सीधा आरोप नहीं है. उन पर हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया गया है. 

अदालत को यह भी बताया गया था कि निचली अदालत में इस मामले में चल रही सुनवाई में भी कोई प्रगति नहीं है. ऐसे में सिर्फ हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के आरोप में उन्हें जेल में लंबे समय तक रखा जाना सही नहीं है. अदालत ने बचाव पक्ष के दलीलों को स्वीकार करते हुए शहाबुद्दीन को जमानत दी थी.      

बता दें कि सीवान में वर्ष 2004 में 2 भाइयों की तेजाब डाल कर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड का गवाह मृतकों का तीसरा भाई राजेश रौशन था, उसकी भी बाद में हत्या कर दी गई थी. पटना उच्च न्यायालय के उक्त आदेश के विरुद्ध बिहार सरकार एवं मामले के सूचक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जमानत रद्द करने की मांग की थी. तब सुप्रीम कोर्ट ने शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करते हुए मामले की दोबारा सुनवाई हेतु पटना हाईकोर्ट में भेज दिया. उसी आदेश के आलोक में मामले की आंशिक सुनवाई गुरुवार को हुई. सुनवाई के क्रम में बचाव पक्ष की ओर से अपना पक्ष रखा गया.

यह भी पढ़ें-  लालू-शहाबुद्दीन का टेप आया सामने, देश की सियासत गरम