देश भर में जला रावण लेकिन इस जगह फूंका गया ‘सूर्पणखा’ का पुतला, कारण भी जान लीजिए

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औरंगाबाद.सेंन्ट्रल डेस्क. आज विजयादशमी पर हर जगह रावण का पुतला दहन किया गया हैं. पटना के गांधी मैंदान मे भी रावण का पुतला दहन किया गया है. लेकिन विजयादशमी पर एक बड़ी हीं अनोखी खबर आ रही है. महाराष्ट्र में रावण के बजाए सूर्पणखा का पुतला दहन किया गया है. अब आप सोच रहें होंगे की ऐसा क्यों भला और किसने किया? तो आपको बता दे कि सुर्पणखा का पुतला दहन महाराष्ट्र के कुछ परेशान पतियों ने किया है. ये लोग अपनी पत्नियों से पीड़ित है!

“परेशान पतियों” ने  जलाया सूर्पणखा का पुतला

जानकारी के अनुसार सूर्पणखा का पुतला महाराष्ट्र के औरंगाबाद में कुछ “परेशान पतियों” ने जला कर आज विजयादशमी का त्योहार मनाया. आपको बता दे कि सूर्पणखा लंका नरेश रावण की बहन थी. रावण रामायण के एक प्रमुख पात्र हैं. पत्नियों के सताए पतियों की संस्था ‘पत्नी पीड़ित पुरुष संगठन’ के सदस्यों ने औरंगाबाद के पास करोली गांव में गुरुवार को सूर्पणखा का पुतला दहन किया.

संस्था के संस्थापक भारत फुलारे ने इस बारे में बताया कि, “भारत में सभी कानून पुरुषों के खिलाफ और महिलाओं के पक्ष में हैं. वे छोटे-छोटे मुद्दों पर अपने पति एवं ससुराल वालों को परेशान करने के लिए इनका दुरुपयोग करती हैं.” उन्होंने आगे कहा कि “देश में पुरुषों के खिलाफ क्रूरता की हम निंदा करते हैं. एक सांकेतिक कदम के तौर पर हमारे संगठन ने कल शाम दशहरा के मौके पर सूर्पणखा का पुतला जलाया.”

आत्महत्या करने वाले विवाहित में पुरुष ज्यादा

फुलारे ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि 2015 के आंकड़ों पर अगर ध्यान दे ​तो देश में आत्महत्या करने वाले विवाहित लोगों में 74 प्रतिशत पुरुष थे. साथ ही संस्था के कुछ सदस्यों ने देश में चल रहे ‘मी टू’ अभियान पर भी सवाल उठाए.

आपको बता दे कि हिंदू पौराणिक कथाओं ओर रामायाण के में बतार्इ् गर्इ् कथा के मुताबिक रावण और राम के बीच युद्ध का मुख्य कारण सूर्पणखा ही थी. सूर्पणखा के अपमान का प्रतिशोध लेने के लिए रावण ने साधु का वेश धारण कर सीता का अपहरण कर लिया था, जिसके चलते अंतत: राम-रावण का संग्राम हुआ था.

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