स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव पर हाई कोर्ट ने लगाया 10 हजार का जुर्माना

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पटना (एहतेशाम ): स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत हुए कर्मचारी को सेवानिवृति का लाभ नहीं दिये जाने और स्पष्टीकरण मांगे जाने पर उसका जवाब नहीं दाखिल करने से नाराज पटना उच्च न्यायालय ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव पर 10 हजार रूपये का अर्थदंड लगाया है. न्यायाधीश अजय कुमार त्रिपाठी की एकलपीठ ने प्रत्यूष कुमार मिश्रा की ओर से दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि वे स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत हुए हैं परंतु काफी समय बीत जाने के बाद भी सेवानिवृति का लाभ उन्हें नहीं दिया जा रहा है. जिसके बाद यह मामला पटना हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचा. जहां अदालत ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधानसचिव से मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए जवाब देने का निर्देश दिया था. बावजूद इसके जवाब दाखिल नहीं किया गया. जिससे नाराज अदालत ने प्रधानसचिव पर 10 हजार का अर्थदंड लगाया. Patna-High-Court

साथ ही अदालत ने अर्थदंड की राशि को पटना हाईकोर्ट विधिक सेवा प्राधिकार में जमा करने का निर्देश दिया. अदालत ने यह भी कहा कि 20 जून तक इस मामले में जवाबी हलफनामा दायर करें अन्यथा स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव, स्वास्थ्य सेवा के निदेश प्रमुख को अदालत में उपस्थित होकर जवाब देना होगा.
अदालती आदेश का अनुपालन नहीं होने पर हाई कोर्ट नाराज
पटना: अदालती आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने से नाराज पटना उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के कार्य करने के तौर-तरीकों पर असंतोष व्यक्त करते हुए सूबे के मुख्य सचिव को 4 सप्ताह के भीतर हर हाल में अदालती आदेश का अनुपालन करवाने का निर्देश दिया. मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन की एकलपीठ ने अमित फार्मासिटिकल्स ऑथोराईज  स्टॉकिस्ट की ओर से दायर अवमानना वाद पर मंगलवार का सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि उनके द्वारा वर्ष 2004 में राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग को दवा की आपूर्ति की गयी थी. परंतु चार वर्ष बीतने के बाद भी दवा आपूर्ति की राशि का भुगतान नहीं किये जाने के बाद उन्होंने पटना उच्च न्यायालय में न्याय की गुहार लगायी थी. जिसके बाद वर्ष 2008 में अदालत ने स्वास्थ्य विभाग को आपूर्तिकर्ता दवा एजेंसी को भुगतान का निर्देश दिया था. बावजूद अभी तक उक्त एजेंसी को राशि का भुगतान नहीं किया गया.

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