रसोइयों को दोहरा तोहफा : सेवाकाल में मृत्यु होने पर मिलेंगे 4 लाख, मानदेय भी बढ़ा

Patna: Bihar Minister Ashok Choudhary addresses a press conference in Patna on Dec 10, 2015. (Photo: IANS)
फाइल फोटो

लाइव सिटीज डेस्क/पटना : सरकारी स्कूलों में काम करनेवाली रसोइये को बिहार सरकार ने दोहरा तोहफा दिया है. उनके मंथली मानदेय में 25 परसेंट का इजाफा किया है, वहीं सर्विस पीरिएड में मौत होने पर उन्हें 4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान भी दिया जायेगा. बिहार सरकार के इस फैसले से रसोइयों में खुशी की लहर है.

सूत्रों की मानें तो रसोइये से जुड़े इन दोनों प्रस्तावों को शिक्षा विभाग ने भेजा ​था, जिस पर बिहार कैबिनेट ने पहले ही अपनी सहमति दे दी थी. लेकिन अब शिक्षा मंत्री डॉ अशोक चौधरी ने इन दोनों प्रस्तावों को गति देते हुए राशि की स्वीकृति और विमुक्ति के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी.

बता दें कि सूबे के सराकरी स्कूलों में कार्यरत रसोइयों की यह बहुत पुरानी मांग थी. रसोइयों को बच्चों का मिड-डे-मील बनाने के एवज में फिलहाल महज 1000 रुपये का मंथली मानदेय मिलता है. इसमें 600 रुपये केंद्र और 400 रुपये राज्य सरकार देती थी. अब नये प्रस्ताव के अनुसार बिहार सरकार की ओर से 650 रुपये कर दिया गया है. इससे अब रसोइयों को प्रतिमाह 1250 रुपये का मंथली मानदेय मिलेगा.

गौरतलब है कि पूरे सूबे में 2 लाख 45 हजार 316 रसोइये कार्यरत हैं. उन्हें बढ़ी दर से मानदेय देने के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए 61 करोड़ 32 लाख 90 हजार रुपये भुगतान की स्वीकृति शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कल दे दी. इतना ही नहीं, उनकी सेवाकाल में मृत्यु होने पर अनुग्रह अनुदान भी अब मिलेगा, जबकि इसका प्रावधान पहले नहीं था. अब बिहार सरकार ने ऐसे मामलों में 4 लाख रुपये का अनुदान दिया जायेगा.

विभाग की मानें तो पूरे सूबे में 230 रसोइयों की अब तक सेवा काल के दौरान मृत्यु हो चुकी है. उनके आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की दर से अनुग्रह अनुदान राशि के भुगतान की स्वीकृति शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने दे दी. इसके लिए 9 करोड़ 20 लाख रुपये जारी किये गये.

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