किशनगंज में 40 करोड़ की मूर्ति बरामद, नेपाल ले जा रहे थे तस्कर

किशनगंज (अमित झा) : एसएसबी और कस्टम पुलिस को किशनगंज में बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है. बेशकीमती अष्ट धातु की मूर्ति मिली है. यह मूर्ति मां सीता की है. इसके साथ ही जवानों ने दो तस्कर भी गिरफ्तार किये गये हैं. यह सफलता बागडोगरा व नक्सलबाड़ी में मिली है.

सूत्रों के अनुसार एसएसबी 41 बटालियन और सिलीगुड़ी कस्टम (पी एण्ड आई) को मूर्ति की सूचना मिली. आनन फानन में टीम ने घेराबंदी कर दो तस्करों को धर दबोचा. तस्करों के पास से बेशकीमती मां सीता की अष्टधातु से बनी मूर्ति बरामद की गयी. मूर्ति की कीमत 40 करोड़ बतायी जा रही है.

इस अभियान का नेतृत्व सेनानायक राजीण राणा कर रहे थे. दरअसल रविवार की देर रात्रि एसएसबी को गुप्त सूचना मिली कि दो तस्कर अष्टधातु की एक मूर्ति लेकर नेपाल ले जाने के फिराक में हैं. सेनानायक राजीव राणा के नेतृत्व में डिप्टी कंमाडेट, सहायक सेनानायक ब्रजेश कुमार, विकास कुमार संग कस्टम सिलीगुड़ी (पी एण्ड आई) के अधिकारियों संग बागडोगरा -नक्सलबाड़ी इलाके में जांच अभियान चलाया गया. छापेमारी के दौरान दो तस्करों को अष्टधातु की एंटिक मूर्ति के साथ दबोचा गया. बरामद मां सीता की यह मूर्ति काफी प्राचीन प्रतीत होती है.

 

बताया जाता है कि मूर्ति का वजन 12.780 ग्राम है. वहीं तस्करों से पूछताछ जारी है. पूछताछ में बड़े खुलासे के कारण अभी तक तस्करों का नाम व पता गुप्त रखा गया है. एसएसबी ने जब्त मूर्ति को नॉर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी में जांच के बाद पुष्टि की है कि मूर्ति अष्टधातु की है और एंटीक है. इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 40 करोड़ है. वहीं एसएसबी इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि तस्करी का संबंध बिहार से है या नहीं.

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