बिहार सरकार की इस योजना से होगा 40 लाख लोगों का फायदा

लाइव सिटीज डेस्कः बुजुर्गों और लाचार लोगों के लिए अच्छी खबर है. एक ही छत के नीचे इनसे जुड़ी तमाम सुविधाएं देने की योजना है. इसके लिए राज्य के सभी अनुमंडलों में 101 बुनियाद केंद्र खोला जायेगा. इसमें 98 के लिए जमीन मिल गयी है.

87 स्थानों पर भवन निर्माण शुरू हो गया है. फिलहाल 27 जिलों में बुनियाद केंद्र का संचालन शुरू भी हो गया है. बिहार का बुनियाद केंद्र देश ही नहीं विदेश का भी मॉडल होगा. बुनियाद केंद्र से राज्य के 40 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा.

इन केंद्रों के माध्यम से नि:शक्ता प्रमाणपत्र के साथ ही जरूरतमंदों को फ्री में कृत्रिम अंग भी लगा दिया जाएगा. पेंशन संबंधी समस्याओं का भी समाधान होगा. नि:शक्त व लाचार के लिए प्रशक्षिण की भी सुविधा दी जा रही है. बुजुर्ग, निशक्त लाचारों को कानूनी सलाह के लिए विधि विशेषज्ञ भी यहां उपलब्ध होंगे.

अब सभी 101 अनुमंडलों में बुनियाद केंद्र होगा. बुनियाद केंद्र का नया भवन दो तल्ले का होगा. इसमें रैम्प की व्यवस्था होगी, ताकि निशक्तों को आने जाने में सुविधा हो. एक केंद्र के निर्माण पर एक से सवा करोड़ की राशि खर्च होगी. एक छत के नीचे सारी समस्याओं का समाधान हो सकेगा.

  • नि:शक्त वृद्धों की पेंशन संबंधी समस्या का समाधान
  • फिजियोथेरेपी की सुविधा
  •  स्वास्थ्य देखरेख, कानूनी सहायता
  • विकलांगता का इलाज, कृत्रिम अंग की सुविधा
  • एक स्थान पर सभी आवश्यक सेवा दिलाना
  •  कौशल विकास रोजगार के लिए सहायता दिलाना
  •  दृष्टि-श्रवण संबंधी समस्याओं की जांच और इलाज

बता दें कि 27 जिलों में बुनियाद केंद्र का संचालन शुरू हो चुका है. इस मामले में समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव ने कहा है कि 11 जिलों में ‘बुनियाद संजीवनी सेवा’ द्वारा काम किया जा रहा है. वर्ष 2016-17 में 60.86 करोड़ राशि व्यय हो चुका है. इस वित्तीय वर्ष में 15.94 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं.

यह भी पढ़ें-

 मिशन 2019 : जदयू भी बिहार में लोस की 40 सीटों की कर रहा तैयारी
PUJA का सबसे HOT OFFER, यहां कुछ भी खरीदें, मुफ्त में मिलेगा GOLD COIN
अभी फैशन में है Indo-Western लुक की जूलरी, नया कलेक्शन लाए हैं चांद बिहारी ज्वैलर्स
मौका है : AIIMS के पास 6 लाख में मिलेगा प्लॉट, घर बनाने को PM से 2.67 लाख मिलेगी ​सब्सिडी

(लाइव सिटीज मीडिया के यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)