BREAKING : केंद्र के बाद अब बिहार में भी लाल-नीली बत्ती पर लगी रोक

लाइव सिटीज डेस्क/पटनाः केंद्र के बाद अब बिहार में भी वीआईपी कल्चर को खत्म करने के लिए लाल और नीली बत्ती के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है. बिहार सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी है. अब बिहार में भी हाई प्रोफाइल गाड़ियों पर लाल और नीली बत्ती नहीं दिखेगी.

सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक सिर्फ एंबुलेंस पर फ्लैशर का इस्तेमाल किया जाएगा. साथ ही इमरजेंसी गाड़ियों पर भी फ्लैशर का इस्तेमाल होगा. लेकिन किसी भी हाई प्रोफाइल गाड़ी पर लाल और नीली बत्ती का इस्तेमाल नहीं होगा.

लाल बत्ती हटाने पर आरजेडी विधायक ने किया था विरोध

बता दें कि लाल बत्ती हटाने की बात पर पहले से ही बिहार की सियासत गरमाई हुई है. सोमवार को भी इस मामले में आरजेडी विधायक का विरोध सामने आया था. बयानबाजी जारी रही थी. आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने इस बात का विरोध किया था. उन्होंने लाल बत्ती हटाने से इनकार किया था. भाई वीरेंद्र ने पूछा था कि ये कौन से कैबिनेट का फैसला है. उन्होंने कहा था कि हमारे राज्य की सरकार जब आदेश देगी तभी हम उसका पालन करेंगे.

अशोक चौधरी ने भी की थी फैसले की निन्दा

उधर केंद्र सरकार के लालबत्ती के फैसले की निंदा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने भी की थी. है। सोमवार को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि लोग लालबत्ती के पीछे क्यों पड़े हैं. अशोक चौधरी ने कहा था कि वीआईपी कल्चर में केवल लालबत्ती ही हटाना ही काफी नहीं है. वीआईपी कल्चर में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के लिए रोड एक घंटे के लिए रूका रहता है वो भी वीआईपी कल्चर हैं.

तकरीबन 450 गाड़ियों से हटेगी लाल-नीली बत्ती

केंद्रीय कैबिनेट के लाल बत्ती हटाने के निर्णय से राज्य में साढे चार सौ से अधिक वीवीआईपी व वीआईपी गाड़ियों से लाल-नीली बत्ती हट जायेगी. लाल और नीली बत्ती हटने वालों में सरकार के मंत्री, विधानमंडल के विभिन्न कमेटियों के सभापति और अनुमंडल से सचिवालय में बैठे आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी शामिल हैं.

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