सेवाशर्त तैयार : आप इंटर कॉलेज में टीचर हैं तो बीएड कर लें, फायदे में रहेंगे…

लाइव सिटीज डेस्क : अगर आप बीएड नहीं किये हैं और बिहार के इंटर कॉलेजों में टीचर हैं या टीचर बनना चाहते हैं तो आपके लिए यह जरूरी खबर है. बिहार बोर्ड के सूत्रों की मानें तो इंटर कॉलेजों में टीचर बनने के लिए बीएड को अनिवार्य किया जा रहा है. साथ ही वैसे कॉलेज में जो पहले से टीचर कार्यरत हैं, उन्हें भी बीएड करना होगा. राज्य सरकार जल्द ही इस पर ठोस निर्णय लेने जा रही है.

बता दें कि वर्तमान में पूरे बिहार में 715 प्रस्वीकृत तथा लगभग 500 इसी कैटेगरी के इंटर कॉलेज हैं. ये शिक्षण संस्थान बिहार बोर्ड से एफिलिएटेड हैं तथा इन संस्थानों में लगभग 15 हजार टीचर के पद हैं. सूत्रों की मानें तो राज्य सरकार इन शिक्षण संस्थानों के लिए बीएड की योग्यता अनिवार्य करने जा रही है. ऐसा होने से अभ्यर्थियों के अलावा वहां कार्यरत टीचरों को भी अब बीएड की डिग्री लेनी होगी. अन्यथा वे वहां टीचर नहीं रह पायेंगे.

सूत्रों की मानें तो सूबे के प्रस्वीकृत माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों के टीचरों एवं स्टाफ की सेवाशर्त का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है. शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी के अनुसार सेवाशर्त का ड्राफ्ट विधि विभाग के माध्यम से महाधिवक्ता के पास भेजा गया है. इसके बाद इसे कैबिनेट में रखा जायेगा. वहां से ग्रीन सिगनल मिलते ही पूरे में इस सेवाशर्त को लागू कर दिया जायेगा.

सेवाशर्त में यह प्रावधान किया गया है कि सभी प्रस्वीकृत माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्कूलों में पहले से कार्यरत अनट्रेंड टीचरों को सेवाशर्त लागू होने के तीन साल के अंदर एनसीटीइ से मान्यता प्राप्त टीचर ट्रेनिंग कॉलेजों से बीएड की डिग्री लेनी होगी. टीचरों को ट्रेंड करने की पूर्ण जवाबदेही इन विद्यालयों के प्रबंधन समिति की होगी. इन टीचरों को सवैतनिक अवकाश देना होगा. एनसीटीइ से मान्यता प्राप्त संस्थान से डिस्टेंस के माध्यम से भी ट्रेनिंग ली जा सकती है. इसके लिए भी सवैतनिक अवकाश की व्यवस्था संस्थान को करनी होगी.

प्रावधान में यह भी रखा गया है कि अनट्रेंड टीचर जो तीन साल के अंदर ट्रेनिंग नहीं ले सकेंगे, उन्हें एक साल का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है. यदि इसके बाद भी बीएड डिग्री नहीं ली गयी, तो संस्थान की गवर्निंग बॉडी ऐसे शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है. हां, वैसे कार्यरत शिक्षकों को इससे छूट मिलेगी, जिनकी सेवा अवधि तीन साल या उससे कम बची हुई है. वहीं नये अभ्यर्थियों के लिए सेवाशर्त में बीएड की डिग्री अनिवार्य कर दी गयी है. इससे अब बीएड वाले ही इंटर कॉलेजों में बहाल होंगे. बता दें कि पहले केवल मास्टर की डिग्री पर ही लोग इंटर कॉलेजों में बहाल हो रहे थे.

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