Happy Birthday : 1 मार्च को 67 के हो रहे हैं नीतीश कुमार, सादगी से मनाएंगे जन्मदिन

नीतीश कुमार (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज सेंट्रल डेस्क : बिहार में मचे राजनीतिक भूचाल के बीच सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को 67 साल के हो रहे हैं. 68वें साल में वे एंट्री करेंगे. इसे लेकर उनके समर्थकों में काफी उत्साह है. Live Cities भी उनके खुशहाल जीवन की मंगलकामना करता है. इंजीनिय​रिंग की पढ़ाई कर राजनीति को अपना कॅरियर बनाने वाले नीतीश कुमार बिहार के नालंदा जिला स्थित हरनौत प्रखंड से आते हैं. कल्याण बिगहा में आज भी उनका पुश्तैनी मकान है. नीतीश कुमार 1974 तथा 1977 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के साथ संपूर्ण क्रांति आंदोलन में शामिल रहे. और आज एक बार फिर वे एनडीए के नेतृत्व में बिहार के मुख्यमंत्री हैं. बिहार में शराबबंदी की सफलता के बाद इन दिनों वे दहेजप्रथा के खिलाफ अभियान चलाए हुए हैं. इसे लेकर बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में लंबी मानव श्रृंखला बनायी गयी.

हालांकि यह संयोग है कि इस बार उनका जन्मदिन होली के मौक पर पड़ रहा है. लेकिन, उन्होंने इस बार होली नहीं मनाने का निर्णय लिया है. मुजफ्फरपुर की घटना से वे काफी दुखी हैं. वहीं उनके जन्म दिन की पूर्व संध्या पर बिहार में राजनीतिक भूचाल भी आया हुआ है. एक तरफ जहां एनडीए के घटक हम पार्टी के जीतनराम मांझी महागठबंधन में शामिल हो गये, वहीं कांग्रेस के चार एमएलसी नीतीश कुमार की पार्टी जदयू में शामिल हो गये. बता दें कि अभी नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री के साथ जनता दल यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं. शराबबंदी के लिए नीतीश कुमार को अणुव्रत सम्मान से नवाजा गया था. हालांकि पुरस्कारों की भी लंबी फेहरिश्त है.

मानव श्रृंखला में भाग लेते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, साथ में उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी

आइए जानते हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुछ खास बातें
– नीतीश कुमार पहली बार 1985 में विधायक बने.
– 1987 में युवा लोकदल के अध्यक्ष बने.
– 1989 में वे बिहार जनता दल के सचिव बने.
– फिर 1989 में ही नीतीश कुमार पहली बार सांसद चुने गये.
– 1990 में पहली बार केंद्रीय कैबिनेट में शामिल हुए.
– केंद्रीय मंत्रिमंडल में कृषि राज्यमंत्री बने.
– 1991 में दोबारा सांसद बने.

बौद्ध गुरु दलाई लामा से आशीर्वाद लेते हुए नीतीश कुमार

– दोबारा सांसद बनने पर जनता दल के राष्ट्रीय सचिव बने.
– संसद में वे जनता दल के उपनेता बनाये गये.
– पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में वे 1998-1999 में रेल एवं भूतल परिवहन मंत्री भी बने. हालांकि अगस्त 1999 में गैसाल रेल एक्सीडेंट के बाद रेलमंत्री से इस्तीफा दे दिया.
– वे 2005 से 2014 तक एनडीए के नेतृत्व में बिहार के मुख्यमंत्री रहे.
– हालांकि वर्ष 2000 में वे पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन 7 दिनों में ही इस्तीफा देना पड़ा था. 

– अचानक नीतीश कुमार का भाजपा से रिश्तों में खटास आ गया. जदयू व भाजपा में दोस्ती टूट गयी.
– वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जदयू के खराब प्रदर्शन के बाद नीतीश कुमार ने 17 मई 2014 को इस्तीफा दे दिया और जीतनराम मांझी को सीएम बनाया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

– फरवरी 2015 में बिहार में बढ़ते राजनीतिक संकट को देख फिर से बिहार के सीएम बन गये. इन्हें राजद का समर्थन मिला.
– राजद के साथ महागठबंधन बना तथा 2015 फिर महागठबंधन की ओर से बिहार के सीएम बने.
– 10 अप्रैल 2016 को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए, जो अभी त​क बने हुए हैं.
– इसी बीच राजद से भी जदयू की खटपट बढ़ गयी. और, 26 जुलाई 2017 को नीतीश कुमार ने इस्तीफा दिया और उसी दिन एनडीए के सहयोग से फिर बिहार के सीएम पद की शपथ ली और वे सीएम की कुर्सी पर काबिज हैं.

प्रकाश पर्व पर सम्मानित होते नीतीश कुमार

कब-कब हुए सम्मानित

– सीएनएन-आईबीएन ग्रेट इंडियन ऑफ दि इयर अवार्ड : 2008
– पोलियो उन्मूलन चैम्पियनशिप अवार्ड : वर्ष 2009
– इकोनॉमिक टाइम्स बिजनेस रिफॉर्मर ऑफ दि इयर : वर्ष 2009
– एनडीटीवी इंडियन ऑफ दि इयर : 2009
– सीएनएन-आईबीएन इंडियन ऑफ दि इयर अवार्ड : वर्ष 2010
– फ़ोर्ब्स इंडियन पर्सन ऑफ दि इयर : वर्ष 2010
– एनडीटीवी इंडियन ऑफ दि इयर : वर्ष 2010
– एमएसएन इंडियन ऑफ दि इयर : वर्ष 2010
– सर जहांगीर गांधी मेडल : वर्ष 2011 में
– जेपी स्मारक पुरस्कार : वर्ष 2013 में
– अणुव्रत सम्मान : वर्ष 2017 में श्वेतांबर तेरापंथ महासभा (जैन संस्था) की ओर से बिहार में शराबबंदी लागू करने पर

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