Big Success : यूपीएससी में बिहारी प्रतिभाओं की बल्ले-बल्ले

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लाइव सिटीज डेस्क : यूपीएससी का रिजल्ट आ गया है. बिहार के होनहारों ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है. उन्हें इसमें जबर्दस्त कामयाबी मिली है. खास बात कि वैशाली के उत्सव कौशल ने पूरे देश में 14वां स्थान हासिल किया है.



इसी तरह यूपीएससी में सारण के सोमेश प्रकाश उपाध्याय को देशभर में 34वां स्थान आया है. इसके अलावा पटना के रंजीत, वैशाली स्थित हाजीपुर के ओंकार, वैशाली के ही लालकोठी निवासी कुंदन, शेखपुरा स्थित बरबीघा के अभिषेक आदि भी परचम लहराने में कामयाब रहे हैं.


ये हैं बिहार के प्रमुख होनहार
दरभंगा : उत्सव कौशल, 14वां रैंक
यूपीएससी परीक्षा में 14वां रैंक पानेवाले उत्सव कौशल शहर के सीएम साइंस कॉलेज के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. केके सिन्हा के पुत्र हैं. मां आभा सिन्हा एसबीआई की लहेरियासराय शाखा में डिप्टी मैनेजर हैं. ये वैशाली स्थित गोरौल के मूल निवासी हैं. उत्सव आईआईटी दिल्ली से बीटेक कर बेंगलुरू में नौकरी कर रहे थे, लेकिन आइएएस बनने की चाहत में उन्होंने नौकरी छोड़ दी.

2015 की परीक्षा में उत्सव को 500 वां स्थान आया था. फिलहाल वे इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट सर्विस में पोस्टेड हैं. लेकिन अच्छी रैंक के लिए उत्सव ने फिर से परीक्षा दी और इसमें उन्हें बेहतरीन सफलता मिली.

सारण : सोमेश प्रकाश उपाध्याय, 34वां रैंक
सारण के सोमेश कुमार उपाध्याय को 34वां स्थान आया है. मढ़ौरा के अवारी निवासी सोमेश को यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली है. उन्होंने खुद ट्यूशन पढ़ा कर यूपीएससी की तैयारी की. सोमेश ने 10वीं बंगाल बोर्ड, 12वीं साइंस देवघर, बीएससी सेंट जेवियर्स कॉलेज कोलकाता से अपनी पढ़ाई की है. टाटा रिसर्च इंस्टीट्यूट से एमएससी करने के बाद 2014 में यूपीएससी की तैयारी में जुट गए.

लेकिन दुखद कि 31 मई 2015 को सोमश के पिता उपेंद्र उपाध्याय का देहांत हो गया. इसके बाद सोमेश टूट गए. वहीं परिवार भी आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. पिता के निधन के बाद सोमेश और उनकी दो छोटी बहनों ने ट्यूशन पढ़ाकर घर चलाया. संयोग ऐसा कि जिस दिन (31 मई) उसके पिता ने दुनिया को अलविदा कहा, उसी दिन सोमेश का चयन यूपीएससी में हुआ.

दरभंगा : सौम्या झा, 58वां रैंक
सौम्या झा पेशे से डॉक्टर हैं. उन्होंने पहले ही प्रयास में इसमें सफलता हासिल की है. उन्हें 58वां स्थान प्राप्त किया. मूलरूप से दरभंगा की रहने वाली सौम्या के पिता संजय कुमार झा मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी और मां डॉ मातंगी झा प्रोफेसर हैं.सौम्या ने डीएवी खगौल, पटना से 10वीं और डीपीएस आरकेपुरम से 12वीं की है. दिल्ली के मौलाना मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने वाली सौमया का सिविल सेवा परीक्षा में मुख्य विषय मेडिकल साइंस था. वे बताती हैं कि यूपीएससी के लिए नियमित रूप से 7-8 घंटे की पढ़ाई करती थी. दरभंगा के फेमस डॉक्टर पद्मश्री डॉ. मोहन मिश्रा सौम्या के नाना हैं.

पटना : रंजीत कुमार, 737वां रैंक
पटना के नवनीत विहार के रंजीत कुमार को 737वां रैंक मिला है. इससे उनके घर में काफी खुशी है. रंजीत की मानें तो इसके लिए उन्होंने रात दिन एक कर दिया था. मेहनत से वे कभी पीछे नहीं हटे हैं. इसी का यह सुखद परिणाम है. वे बताते हैं कि मेहनत का कोई भी शॉर्ट रूट नहीं है.

मधुबनी : नीरज झा, 109वां रैंक
109 रैंक लानेवाले नीरज झा नीरज मूल रूप से मधुबनी के रहनेवाले हैं. उनकी फैमिली फिलहाल धनबाद में रहती है. नीरज के पिता दामोदर वैली कॉरपोरेशन में कार्यरत हैं. उनके एक भाई इंडियन कोस्टगार्ड में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर कार्यरत हैं. नीरज की मानें तो वो विदेश सेवा में जाना चाहते हैं.

पटना : सन्नी राज, 132वां रैंक
पटना के रहनेवाले सन्नी राज का यह चौथा अटेम्प्ट था. इससे पहले तीसरी बार में उन्होंने UPSC में सफलता प्राप्त की थी, जिसके बाद उन्हें IRS रैंक प्राप्त हुआ था. लेकिन मन में तमन्ना और अच्छा करने की थी तो फिर से मेहनत की और 132वां रैंक प्राप्त किया.

सन्नी बताते हैं कि उन्हें इस बार IPS बनने में सफलता मिल गई है. सन्‍नी ने डीएवी खगौल से मैट्रिक पास करने के बाद एनआइटी जमशेदपुर से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उनके पिता पटना में ही केनरा बैंक में कार्यरत हैं.

पटना : आनंद शंकर, 127वां रैंक
पटना के रहनेवाले आनंद शंकर को इस बार यूपीएससी की परीक्षा में 127वां रैंक मिला है. आनंद एएन कॉलेज के पीछे शिवपुरी के रहनेवाले हैं. पिता मदन मिश्र बिहार पुलिस में हैं. मां विमला हाउस वाइफ हैं. आनंद ने बिट्स पिलानी से पढ़ाई की है. शुरू से ही आईएएस बनने की इच्छा थी.

भोजपुर : नीतेश पांडेय, 141वां रैंक
भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड के सबलपुर निवासी आईएएस श्रीमत पांडेय के पुत्र नीतेश पांडेय को इसमें 141वां रैंक मिला है. उन्होंने अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाते हुए जिले का भी मान बढ़ाया है. नीतेश चेन्नई आईआईटी से इलेक्ट्रिकल के छात्र रहे हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने आईएएस पिता श्रीमत पांडेय व अपनी मां डॉ करुणा पांडेय को दिया है.

मुंगेर : कुमार संभव, 714वां रैंक
मुंगेर के कुमार संभव को मिली सफलता मुंगेर के टेटिया बम्बर गांव के रहनेवाले कुमार संभव ने यूपीएससी की परीक्षा में 714वां रैंक प्राप्त किया है. एनटीपीसी कहलगांव में केंद्रीय विद्यालय में स्नातक शिक्षक संजीव कुमार सिंह के पुत्र कुमार संभव ने आईआईटी दिल्ली से पढ़ाई की है. पिता संजीव अपने लाडले की सफलता से खुश हैं.

कहलगांव : मानस वाजपेयी, 456वां रैंक
एनटीपीसी कहलगांव के ऑपरेशन विभाग में उपप्रबंधक के पद पर कार्यरत मानस वाजपेयी को 456वां रैंक मिला है. वे मूल रूप से यूपी के रायबरेली के रहनेवाले हैं. वर्तमान में वे कहलगांव एनटीपीसी में ऑपरेशन विभाग में कार्यरत हैं.

सहरसा : राकेश रंजन, 138वां रैंक
सहरसा के राकेश रंजन को 138वां रैंक मिला है. वे सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड में बघवा गांव के रहने वाले हैं. वे झारखंड सर्किल में पोस्ट एंड टेलीग्राफ में डिप्टी डायरेक्टर, फाइनांस के पद पर पोस्टेड हैं.

नवादा : निरंजन कुमार, 728वां रैंक
नवादा जिले के पकरीबरावां मुख्यालय निवासी अरविन्द कुमार तथा यशोदा देवी के बेटे निरंजन कुमार ने यूपीएससी परीक्षा में 728वां रैंक लाया है. निरंजन के पिता मूलत: वारिसलीगंज के रहने वाले हैं और वर्षों से पकरीबरावां में रह रहे हैं.

वे पकरीबरावां बाजार में खैनी की एक छोटी दुकान चलाते हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों, अपने परिवार के सदस्यों, अपनी पत्नी एवं अपनी बेटी को देते हैं. वर्तमान समय में वे कोल इंडिया लिमिटेड धनबाद में सहायक मैनेजर पद पर कार्यरत हैं.

उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा 2004 में जवाहर नवोदय विद्यालय रेवार तथा इंटर की परीक्षा 2006 में साइंस कॉलेज पटना से पास की है.

पूर्वी चंपारण : जिले से तीन छात्रों मारी बाजी
पूर्वी चंपारण से एक नहीं, बल्कि तीन छात्रों ने परीक्षा में बाजी मारी. चकिया के हर्षित तोदी को 786वां रैंक मिला है. इसी तरह जिला कृषि कार्यालय मोतिहारी में क्लर्क अजीत कुमार को 1094वां रैंक आया है. इनके अलावा घोड़ासहन के दीपक को 783 वां रैंक मिला है.

मुजफ्फरपुर : सुमन शेखर, 133 वां रैंक
बालूघाट मुजफ्फरपुर के निवासी इंजीनियर सुंधाशु कुमार के बेटे सुमन शेखर को 133वां रैंक मिला है. सुमन स्कूल से लेकर आईआईटी तक में टॉपर रहे हैं. सुमन को यह सफलता पहली बार में ही मिली है. वर्तमान में बेंगलुरु में सैंमसंग कंपनी में सुमन कार्यरत हैं. पिछले एक साल से जॉब कर रहे सुमन ने आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की है.

मुजफ्फरपुर : डॉ विवेक नंदन, 374वां रैंक
जिले दामुचक के डॉ विवेक नंदन को दूसरे प्रयास में यह सफलता मिली है. यूपीएसएसी की परीक्षा में डॉ. विवेक नंदन ने 374वां रैंक प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है. दामुचक निवासी डॉ विवेक वर्तमान में दिल्ली में रहते हैं. उनके पिता एसकेएमसीएच के सहायक प्राध्यापक डॉ. कृष्ण कुमार व मां ममता कुमारी जगन्नाथ मिश्र कॉलेज में लेक्चरर हैं.

डॉ विवेक नंदन को यह सफलता दूसरे प्रयास में मिली है. डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि विवेक ने दिल्ली के यूसीएमएस से एमबीबीएस की पढ़ाई की है.

हाजीपुर : ओंकार, 458वां रैंक
हाजीपुर के ओंकार को 458वां स्थान आया है. ओंकार को यह सफलता पहले ही प्रयास में मिली है. पिता डा ओमप्रकाश राय वर्तमान में हाजीपुर आरएन कॉलेज में प्राचार्य हैं. बीआरए बिहार विवि यूनिवर्सिटी कैम्पस में रहनेवाले डॉ राय की मानें तो ओंकार ने पिछले ही साल इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग पास की.

इसके बाद चेन्नई एलएनटी में जॉब मिला. वर्तमान में वह दिल्ली में रह रहे हैं. मां प्रतिमा कुमारी एलआईसी पटना में प्रशासनिक अधिकारी हैं.

बांका : विनोद कुमार, 819 वां रैंक
बौंसी के बाबूडीह निवासी अशोक कुमार व रेणु देवी के बेटे ने 819 वां रैंक लाया है. वर्तमान में वह बेंगलुरु में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड के कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं. उनके पिता एक साधारण दुकानदार हैं.

इन्हें भी मिली है सफलता
सहरसा के चैनपुर निवासी सत्यम ठाकुर को 218वां रैंक आया है. यह उनका चौथा प्रयास था. इससे वे काफी खुश हैं. इसी तरह वैशाली के सराय थाने के शेम्भोपुर गांव लालकोठी निवासी कुंदन कुमार को 553 वां रैंक मिला है.

इससे पहले कुंदन भारतीय वन सेवा (आइएफएस) की परीक्षा में पूरे देश में 9वां स्थान लाया था और वे बिहार टॉपर बने थे. उधर शेखपुरा स्थित बरबीघा के अभिषेक कुमार को 773वां रैंक मिला है.

पिछले साल उन्हें 1028वां रैंक मिला था. फिलहाल वे अभी आइआरएस हैं तथा इनके पिता विजय कुमार सबइंस्पेक्टर हैं. इनके अलावा बांका स्थित बौंसी के कुशमाहा निवासी बमबम यादव ने 949वां लाया है.

बमबम वर्तमान में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया इलाहाबाद में जूनियर ट्रांसलेटर के पद पर कार्यरत हैं. गया के प्रभात रंजन पाठक ने 137वां रैंक हासिल किया है. उनका यह पहला प्रयास था.

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