3 वर्ष की उम्र में तेजप्रताप करते थे रमा देवी की सेवा, बदले में मिल गई 13 एकड़ जमीन

लाइव सिटीज डेस्क : भाजपा के वरीय नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लालू फैमिली पर फिर निशाना साधा है. इस बार उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव के बहाने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर आरोप लगाया है. सुशील मोदी ने कहा कि तेजप्रताप यादव को 3 साल की उम्र में ही करोड़ों की जमीन दान में मिल गयी.

भाजपा के वरीय नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि लालू-राबड़ी के 15 साल के मुख्य मंत्रित्व काल तथा लालू प्रसाद के रेल मंत्री (2004-09) के दौरान लोगों को नौकरी, ठेका, विधायक, सांसद, मंत्री या अन्य मदद के बदले जमीन लिखवा लेना या जमीन गिफ्ट करवा लेने का अंतहीन सिलसिला है. रघुनाथ झा, कांति सिंह ने मंत्री बनने के लिए अपनी करोड़ों की संपत्ति दान कर दी.

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद के खटाल में काम करनेवाले ललन चैधरी एवं रेलवे में खलासी के पद पर लालू प्रसाद द्वारा बहाल हृदयानंद चौधरी के नाम पहले लालू परिवार ने जमीन लिखवा दी. अब उससे गिफ्ट करवा लिया. इसी कड़ी में स्व. बृजबिहारी प्रसाद की पत्नी रमा देवी ने भी 1992 में 23 मार्च को 13 एकड़ 12 डिसमिल जमीन तेजप्रताप यादव को दान में दी थी. मुजफ्फरपुर जिले के मौजा-किशुनपुर, मधुबन, थाना- कुढ़नी में एक प्लॉट में 9 एकड़ 24 डिसमिल तथा दूसरे प्लॉट में 3 एकड़ 88 डिसमिल कुल 13 एकड़ 12 डिसमिल जमीन दान में दी गयी थी. खास बात है कि गिफ्ट के समय तेजप्रताप के पुत्र की उम्र 3 साल 8 माह ही थी.

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दान पत्र में लिख गया है कि – ‘तेजप्रताप रमा देवी का प्यारा है, जिन्हें रमा देवी बहुत प्यार व मोहब्बत करती है. वो तेजप्रताप भी रमा देवी की खुशी का ख्याल रखते हैं, वो तेजप्रताप नाबालिग है, फिर भी जहां तक संभव होता है रमा देवी की सेवा सुश्रुषा करते हैं. इस मन की इच्छा रमा देवी की हुई कि सेवा सुश्रुषा के कारण अपनी जिंदगी में ही तेजप्रताप को गिफ्ट कर दूं.’

सुशील मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल उठाया कि आखिर 3 साल 8 माह की उम्र में तेजप्रताप ने क्या खिदमत की, जिससे खुश होकर यह जमीन दान कर दी गयी. इस जमीन के नजदीक की सड़क आज भी लालू रोड के नाम से जानी जाती है. बता दें कि उस समय बृजबिहारी प्रसाद लालू-राबड़ी सरकार में साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्री थे. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर सारे राजनेता लालू परिवार को ही क्यों जमीन का चढ़ावा देते रहे? उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद नेताओं की मजबूरी का लाभ उठाते रहे और हर काम की एक ही कीमत ‘काम के बदले जमीन’ की नीति का सहारा लेकर 1 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति के मालिक बन बैठे.

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