गठबंधन बचाने की आड़ में भ्रष्टाचार का समर्थन कर रहे हैं शरद यादव

पटना (नियाज आलम) : जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के महागठबंधन बचाने वाले बयान पर भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने पलटवार किया है. सुशील मोदी ने कहा है कि हवाला कांड में आरोप लगने मात्र पर इस्तीफा देने वाले शरद यादव आज गठबंधन बचाने की आड़ में तेजस्वी यादव के भ्रष्टाचार का समर्थन कर रहे हैं.

सुशील मोदी ने कहा है कि जनादेश भ्रष्टाचार से समझौता कर किसी तरह 5 साल सरकार चालने के लिए नहीं बल्कि सुशासन, भ्रष्टाचार और अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मिला था. वैसे, सजायफ्ता लालू प्रसाद के साथ रह कर जनादेश का सम्मान हो भी नहीं सकता है. राजद के नेता तो अब हताशा-निराशा में गाली-गलौज पर उतर आए हैं.

यूपीए-2 के दौरान मनमोहन सिंह की सरकार में घोटाले होते रहे और उसे रोकने के बजाय कांग्रेस उस पर पर्दा डालती रही. अगले चुनाव में कांग्रेस को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा. यदि जदयू भी शरद यादव के कहने पर तेजस्वी यादव की बेनामी सम्पत्ति और भ्रष्टाचार से समझौता कर लेता है तो उसे भी बिहार की जनता कभी माफ नहीं करेगी. जदयू को अपने स्टैंड पर कायम रहना चाहिए.

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फाइल फोटो

सुशील मोदी ने आगे कहा कि लालू प्रसाद की पूरी राजनीति ही अपने परिवार तक सीमित है. उसी का नतीजा है कि चारा घोटाले में जेल जाते समय अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री और पहली बार विधायक बनने वाले अपने बेटों को मंत्री और उपमुख्यमंत्री बनाया. राजनीति में नीति-नौतिकता, शुचिता व सिद्धांत का लालू प्रसाद के लिए कोई मतलब नहीं है.

उन्होंने कहा कि साढ़े सात साल तक एनडीए की सरकार के दौरान न तो किसी मंत्री और न ही सरकार पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप लगा बल्कि विशेष न्यायालय अधिनियम बना कर भ्रष्टाचारियों की सम्पति जब्त की गई. बड़ी संख्या में रिश्वतखोरों को पकड़ा गया. मगर क्या आज लालू प्रसाद के साथ सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए यह सब संभव है?

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