छापेमारी के बाद राबड़ी आवास के बाहर सन्नाटा, आज लालू से पूछताछ करेगी CBI !

लाइव सिटीज डेस्कः RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद के पटना आवास पर शुक्रवार को हुई सीबीआई की छापेमारी के बाद आज शनिवार की सुबह से ही सन्नाटा पसरा है. आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इस बीच कहा जा रहा है कि सीबीआई आज भी छापेमारी जारी रख सकती है. सीबीआई आज लालू परिवार से पूछताछ कर सकती है. साथ ही लालू प्रसाद से भी पूछताछ हो सकती है.

शुक्रवार की सुबह सीबीआई ने लालू प्रसाद के देश भर में 12 ठिकानों पर छापेमारी की. लालू पर रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के होटलों की निविदा में फर्ज़ीवाड़ा कर निजी कंपनियों को फ़ायदा पहुंचाने का आरोप लगा है. छापेमारी इसी सिलसिले में थी. पटना में लालू के आवास पर भी सीबीआई करीब 10 घंटे रही. इस मामले में लालू, राबड़ी और तेजस्‍वी सहित कई लोगों पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज किया है.

घटना के बाद पटना में लालू आवास पर कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा है. बड़े नेताओं का आना-जाना लगा हुआ है. छापेमारी के दौरान लालू पटना से बाहर रांची में थे. उनके देर शाम लौटने के बाद कल देर रात तक वहां राजद नेताओं ने विमर्श किया. आज सुबह से फिर वहां गहमा-गहमी देखी जा रही है.

लालू आवास के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. मुख्‍य गेट के पास से मीडिया को भी हटाया जा रहा है. बड़ी संख्‍या में कार्यकर्ता उमड़ पड़े हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि सीबीआई आज भी किसी समय छापेमारी कर सकती है. इस दौरान लालू प्रसाद, राबड़ी देवी व तेजस्‍वी यादव से पूछताछ की जा सकती है. मालूम हो कि राबड़ी व तेजस्‍वी से पूछताछ की बात कल भी कही गई थी, हालांकि लालू प्रसाद ने इसे खारिज किया था.

ये है पूरा मामला

लालू पर आरोप है कि उन्होंने रांची और पुरी के चाणक्य बीएनआर होटल, जो रेलवे के हेरिटेज होटल थे, रेल मंत्री रहते हुए अपने करीबियों को लीज पर दे दिया. दोनों होटल अंग्रेजों के जमाने के थे इसीलिए इसका ऐतिहासिक महत्व था, जो अब नहीं रहा क्योंकि इनको पूरी तरह से रेनोवेट कर दिया गया है.

इस लीज के लिए रांची के कुछ होटल व्यवसायियों के अलावा लालू प्रसाद के निकट के सहयोगी एवं झारखंड से राज्यसभा के सांसद प्रेमचंद गुप्ता की कंपनी दोनों होटलों को लेने में सफल रही. रांची के बीएनआर होटल को पटना के प्रसिद्ध होटल चाणक्य के संचालक हर्ष कोचर को 60 साल के लिए लीज पर दिया गया. पहले तो लीज की अवधि 30 वर्ष रखी गयी, परन्तु बाद में इसकी अवधि बढ़ाकर 60 साल कर दी गई.

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