नीतीश कुमार दिल्ली में राहुल-सोनिया से मिलेंगे, नरेंद्र मोदी से भी होगी भेंट

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में महागठबंधन के बीच यह बात सामने आ रही है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिल सकते हैं. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी उनकी मुलाकात होगी. पॉलिटिकल कॉरिडोर में इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं. चर्चा तो यह भी है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का चार दिनों का यह दिल्ली दौरा महागठबंधन के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है. बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार की राहुल गांधी से शनिवार को ही मुलाक़ात होने की उम्मीद है.

शनिवार को बिहार के सीएम नीतीश कुमार दिल्ली जा रहे हैं. वे वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के विदाई समारोह में भाग लेंगे. साथ नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शपथ ग्रहण समारोह में भी शिरकत करेंगे. इसकी वजह से नीतीश कुमार दिल्ली में इस बार चार दिन रहेंगे. मालूम हो कि 24 जुलाई को प्रणब मुखर्जी का विदाई समारोह, तो 25 जुलाई को रामनाथ कोविंद का शपथ ग्रहण समारोह है. ऐसे में नीतीश कुमार के 26 जुलाई को ही पटना लौटने की उम्मीद है.

बता दें कि वर्ष 2012 के राष्ट्रपति चुनाव के समय बिहार में जदयू और भाजपा की सरकार थी. नीतीश कुमार एनडीए में थे. इसके बाद भी उन्होंने यूपीए के प्रत्याशी उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का समर्थन किया था. कुछ कमोबेश ऐसी ही स्थिति इस बार भी रही. इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महागठबंधन में है. इसके बाद भी उन्होंने इस बार एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन दिया था.

फाइल फोटो

पॉलिटिकल कॉरिडोर में हो रही चर्चा के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने चार दिनों के दिल्ली प्रवास में कई दिग्गज हस्तियों से मिल सकते हैं. इनमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मिलने की बात हो रही है. सूत्रों की मानें तो बिहार के महागठबंधन में कांग्रेस की अहम भूमिका है. वहीं पिछले दिनों नीतीश कुमार की सोनिया गांधी और राहुल गांधी से फोन पर बात भी हुई थी. कहा जा रहा है कि इस बार मुलाकात होने की उम्मीद है. हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है. वहीं नीतीश कुमार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ​भी मिलने की उम्मीद है.

गौरतलब है कि पिछले दिनों राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के 12 ठिकानों पर एक साथ सीबीआई ने रेड की थी. तब से बिहार में सियासत तेज है. महागठबंधन में घमासान मचा हुआ है. राजद व जदयू में एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी थम नहीं रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह चार दिनों का दिल्ली प्रवास कई मायनों में महत्वपूर्ण हो गया है. हालांकि महागठबंधन की गांठ कितनी मजबूत है, इस पर तीनों घटक दलों की ओर से कोई कहनेवाला नहीं है, जबकि नीतीश कुमार की चुप्पी सीबीआई रेड के दिन से ही बनी हुई है.

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