कोर्ट कैंपस में मर्डरः सुरेश केडिया अपहरण का मास्टमाइंड था बबलू दुबे

लाइव सिटीज डेस्क/बेतियाः गुरुवार को बेतिया सिविल कोर्ट परिसर गोलियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. अज्ञात हमलावरों ने कुख्यात अपराधी और नेपाली व्यवसायी सुरेश केडिया अपहरण का मास्टरमाइंड बबलू दुबे को कोर्ट परिसर में ही भून डाला. बबलू को कुल पांच गोलियां मारी गई. गोली लगने के बाद बबलू दुबे की ऑन स्पॉट मौत हो गई. बबलू अपराधी प्रवृति का था. उसके उपर कई मामले दर्ज थे और वह जेल में बंद था.

बताया जा रहा है कि बदमाशों ने घटना को उस वक्त अंजाम दिया जब उसे पुलिस सुरक्षा में पेशी के लिए कोर्ट में लाया जा रहा था. तीन की संख्या में आए अज्ञात हमलावरों ने बबलू को निशाना बनाकर ताबडतोड़ फायरिंग शुरू कर दी. गोली चलते ही कोर्ट परिसर में भगदड़ मच गई. वकील और कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों में गोलियों की आवाज सुनते ही अफरा-तफरी का माहौल हो गया.

सिविल कोर्ट परिसर में जो जहां था अपनी जान बचाकर भाग खड़ा हुआ. इस दौरान पुलिस भी बदमाशों की सनसनाती गोलियों के सामने असहाय नजर आई. कई गोलियां लगने के बाद बबलू लहूलुहान होकर मौके पर ही गिर पड़ा और वहीं दम तोड़ दिया.

जानकारी के मुताबिक बबलू को मझौलिया के अहवर शेख के मुखिया जवाहर साह की हत्या के मामले में पुलिस रिमांड पर लाया गया था. बबलू की वर्चस्व की राजनीति के चलते पहले भी कई दुश्मनियां थीं. किस दुश्मनी के तहत उसे गोली मारी गई है, इसको लेकर विभिन्न तरह की चर्चा की जा रही है. कोर्ट परिसर को पुलिस प्रशासन ने छावनी में तब्दील कर दिया है, घटना की सूचना पर एसपी विनय कुमार, एसडीपीओ सदर संजय कुमार झा व थानाध्यक्ष नगर कोर्ट पहुंच गए हैं,

उधर इस मामले पर बेतिया के एसपी विनय कुमार ने कहा कि बबलू दुबे कुख्यात अपराधी था. पूरे जिले की नाकेबंदी कर पुलिस हमलावरों की तलाश में छापेमारी कर रही है. जिले में हर रास्तों पर पुलिस की पैनी नजर है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

जेल में रहकर किडनैपिंग करवाता था बबलू दुबे

कुख्यात बबलू दुबे के नाम कई अपराधिक मामले दर्ज थे. दूबे के खिलाफ पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर एवं गोपालगंज जिले के कई थानों में करीब तीन दर्जन मामले दर्ज हैं. दूबे पर दर्ज अधिकांश मामले रंगदारी, लूट, हत्या एवं अपहरण से संबंधित हैं. अपनी गिरफ्तारी से पूर्व इस कुख्यात अपराधी ने उत्तर बिहार की पुलिस का नाकोदम कर दिया था. एक समय था कि बबलू दुबे का नाम बिहार के बड़े गैंगस्टर के रूप में जाना जाता था. वह नेपाल में बैठक अपने गैंग को ऑपरेट करता था. उसके बाद जब पुलिस ने पकड़कर उसे जेल भेज दिया तो वहां से भी वह बैठे-बैठे किडनैपिंग करवा लेता था.

सुरेश केडिया अपहरण मामले में शामिल था बबलू

जेल में रहते हुए बबलू दुबे ने नेपाल के व्‍यवसायी सुरेश के‍डिया का अपहरण करवा उसके परिवार के 100 करोड़ की रंगदारी मांगी थी. इस मामले पर पुलिस ने कहा था कि हमने इन्‍हें अपहृरणताओं से छुड़ाया है जबकि उनके परिवार वालों ने कहा था कि 10 करोड़ रूपये देकर इन्‍हें छुड़ाया है. सुरेश केडिया ने भी कहा था कि अपहरण के तीन दिनों बाद मोटरसाइकिल पर दो युवकों ने उन्‍हें सड़क पर छोड़ा था, उसके बाद पुलिस उन्‍हें अपने साथ ले गई थी.

हत्या के बाद मोतिहारी में अलर्ट

पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र स्थित सिसवा खरार पंचायत निवासी स्व. महेश्वर दुबे के पुत्र शातिर बदमाश बबलू दुबे की हत्या से मोतिहारी में भी सनसनी है. बबलू के समर्थकों में उसकी हत्या को लेकर आक्रोश है. प्रतिशोध में कोई घटना न हो, इसे लेकर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र राणा ने संबंधित थानों को अलर्ट किया है. एसपी ने थानाध्यक्ष व अन्य अधिकारियों को कहा है कि वे इलाके की हर गतिविधि पर नजर रखें. किसी भी कीमत पर शांतिभंग न होने पाए.

बता दें कि सुरेश केडिया नेपाल के बड़े घराने के उद्योगपति हैं. उनके भाई विमल केडिया वहां सद्भावना पार्टी के सांसद रहे हैं. एक बार सुरेश केडिया नेपाल के बरियारपुर में गढ़ी माई स्थान पर दर्शन लौट रहे थे, तभी बरियारपुर के पश्चिम में हथियारबंद लोगों ने कार रुकवा ली. अपराधियों ने उन्हें गाड़ी से खींचकर स्कॉर्पियो में बैठाया और बिहार लेकर चले आए. इस दौरान सुरेश केडिया के ड्राइवर सुरेश कानू ने विरोध किया तो उसे तुरंत गोली मार दी. उसके बाद उनके परिवार से 100 करोड़ रुपयों की फिरौती मांगी गई थी.

नेपाल और बिहार पुलिस की छापेमारी में हुई थी गिरफ्तारी

2013 में नेपाल पुलिस की मदद से ही बबलू दुबे को पकड़ा गया था. उस समय उसके उपर 50 हजार का इनाम था. 28 मई 2013 को, बिहार पुलिस की स्पेशल रिक्वेस्ट पर नेपाल पुलिस ने उसे काठमांडू से गिरफ्तार कर लिया. इस बात की सूचना जैसे ही बिहार पुलिस को मिली, वो बबलू को लेने नेपाल पहुंच गई. लेकिन नेपाल पुलिस ने उसे एक सप्‍ताह बाद 4 जून को ही रक्सौल पुलिस को सौंपा था. इसके बाद से वह जेल में बंद था.

कुछ ऐसी थी बबलू दुबे क्रिमिनल हिस्ट्री

मोतिहारी के सिसुवाथान गांव के रहने वाले बबलू छोटी हाइट का सामान्य सा दिखने वाला लड़का था. उसकी उम्र मात्र 31 साल की थी. देखने में सीधा-साधा इंसान लगता था. कोई उसे देख के यह नहीं कह सकता था कि यह कोई बड़ा गैंगस्टर है. एक समय था कि बबलू दुबे का नाम बिहार की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में था. उसके उपर हत्या के 36 और अपहरण व फिरौती के दर्जनों मामले दर्ज हैं. बिहार से लेकर नेपाल तक में उसने अपराधिक वारदातों को अंजाम दिया है. उसका धंधा बिहार में कम और नेपाल में ज्यादा चलता था.

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