अब हर महीने आप 50 हजार रख सकेंगे E-Wallet में, RBI ने जारी की नई गाइडलाइन  

लाइव सिटीज डेस्कः रिजर्व बैंक ने प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट (पीपीआई) पर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इसके मुताबिक इनमें हर महीने 50,000 रुपये तक कैश जमा किया जा सकता है. इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से जमा करने की सीमा एक लाख रुपये होगी. हालांकि इसके लिए कंस्टमर का केवाईसी नियमों का पालन करना जरूरी है.

इंस्ट्रूमेंट जारी करने वाली कंपनियां इसमें बैलेंस रकम पर ब्याज नहीं दे सकती हैं. पेटीएम जैसे मोबाइल वॉलेट, कागजी मील कूपन आदि पीपीआई के दायरे में आते हैं. पीपीआई जारी करने वाली मौजूदा कंपनियों को 31 दिसंबर 2017 तक इन नियमों का पालन करना होगा.

पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन नवीन सूर्य ने कहा कि डिजिटल पेमेंट में अभी पीपीआई की हिस्सेदारी सिर्फ 10% है. नए नियमों से पांच साल में यह 30-40% तक पहुंच जाएगी. एल के सीईओ अंशुमन वर्मा ने भी कहा कि इस कदम से डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ेगा. अभी कुछ कंपनियां ई-वॉलेट से बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर की सुविधा देती हैं, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त चार्ज लेती हैं. आगे यह शुल्क खत्म हो सकता है.

rbi

आरबीआई ने पीपीआई में इंटर-ऑपरेबिलिटी को भी मंजूरी दी है. यानी एक पीपीआई से दूसरे में पैसे भेजे जा सकेंगे. यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई आधारित इंटर-ऑपरेबिलिटी छह महीने में शुरू हो जाने की उम्मीद है. इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा.

वहीं अभी ज्यादातर दुकानदार अपनी शॉप पर हर मोबाइल वॉलेट का क्यूआर कोड लगाकर रखते हैं. लेकिन 31 दिसंबर के बाद उनको ऐसा नहीं करना पड़ेगा. केवल एक कंपनी का क्यूआर कोड देने से ही उनके पास ग्राहक आसानी से पैसा ट्रांसफर कर सकेगा. इसके साथ ही आरबीआई ने सेमी क्लोज वॉलेट के लिए सीमा को 20 हजार रुपये से घटाकर के 10 हजार रुपये कर दिया है.

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