मारे डर, बिहार छोड़कर भागे NHPC के 2 इंजीनियर

पटना : खबर मुजफ्फरपुर से है. बताया जा रहा है कि NHPC के दो इंजीनियर मिल रही धमकियों से इतने डर गए थे कि बिहार छोड़कर भाग गए. यह कह गए हैं कि अब कभी बिहार नहीं आयेंगे. जानकारी पुलिस और प्रशासन को दी जा चुकी है. इंजीनियरों के भागने के बाद NHPC के प्रोजेक्ट कैम्प आफिस पर तैनात दूसरे सभी भय में हैं.



अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ने यह खबर NHPC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रदीप जौहर के हवाले से प्रकाशित की है. हालांकि बिहार से भागे इंजीनियरों का नाम नहीं बताया गया है. बिहार छोड़कर जाने से पहले जान की धमकी की सूचना दोनों ने मुजफ्फरपुर में अपने सीनियर्स व दिल्ली हेडक्वार्टर को दे दी थी. ये दोनों इंजीनियर NHPC के राहुल नगर कैम्प आफिस में तैनात थे.

खबर यह भी कहती है कि इन दोनों इंजीनियरों का विवाद एक लोकल कांट्रेक्टर से हो गया था. विवाद की जड़ में पेमेंट अगेंस्ट वर्क था. झगड़े के बाद कांट्रेक्टर ने दोनों इंजीनियरों से कहा था – जल्दी से बिहार छोड़ दो, वरना मार दिए जाओगे. इस कारण दोनों बहुत डर गए थे.

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए NHPC के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रदीप जौहर ने मुजफ्फरपुर के डिविजनल कमिश्नर (प्रभारी) आर के खंडेलवाल और आईजी सुनील कुमार से मुलाकात की है. पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा दिया गया है. यह कहकर सुरक्षा की मांग की गई है कि कैम्प आफिस के सभी दूसरे स्टाफ भी बेहद डरे हुए हैं.

बताते चलें कि NHPC, जो कि पब्लिक सेक्टर की हाइड्रो पावर जनरेशन कंपनी है, को उत्तर बिहार के 6 जिलों में ग्रामीण सड़कों के निर्माण का कार्य मिला हुआ है. इसके साथ ही कोई 6000 किलोमीटर की ग्रामीण सड़क के अपग्रेडेशन व पांच वर्षों तक रख-रखाव का दायित्व है. पुलिस ने NHPC को पूर्ण सुरक्षा देने का वायदा किया है.

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