GANGS OF CBSE (1) : धंधा बहुत गंदा है, 500 करोड़ का सालाना बाजार है बिहार

पटना : बिहार की शिक्षा-व्‍यवस्‍था को कुतर रहे चूहों के खिलाफ लाइव सिटीज की पड़ताल लगातार जारी है. मिल रही नवीनतम जानकारी कह रही है कि BSEB के चोर बाजार से CBSE का चोर बाजार बहुत बड़ा है. CBSE का गैंग्‍स बहुत ही आर्गेनाइज्‍ड है. पहुंच बहुत ऊपर तक है. केन्‍द्रीय बोर्ड का मामला समझ कर बिहार प्रशासन इधर ध्‍यान नहीं देता, सो गैंग्‍स ऑफ सीबीएसई ने अपना रायता और फैला दिया है. हिसाब-किताब लगाने वाले बिहार के बाजार को सालाना 500 करोड़ का मानते हैं. इस कारण, सीबीएसई के पटना रीजनल ऑफिस का हर पद बहुत महत्‍वपूर्ण और महंगा है.

अच्‍छी बात है कि बिहार बोर्ड के फर्जी टॉपर गणेश के बारे में लाइवसिटीज के बड़े खुलासे के बाद राज्‍य सरकार जगी हुई दिख रही है. मुख्‍य मंत्री नीतीश कुमार का सख्‍त निर्देश है. इसके बाद सिस्‍टम की नजर बिहार में चल रहे सीबीएसई के फर्जी स्‍कूलों की ओर भी गई है. निकट भविष्‍य में पुलिस कुछ बड़ी गिरफ्तारियां कर सकती है. सीबीएसई के फर्जी स्‍कूलों की मॉडेस अप्रेंडी को पकड़ना बहुत सहज है. लेकिन सच है कि अब तक कोई कोशिश ही नहीं की गई है. बदनाम अकेला बिहार बोर्ड होता रहा है. लाइव सिटीज की जानकारी के मुताबिक सरकार के सिस्‍टम को भी इस गैंग्‍स ऑफ सीबीएसई का किंगपिन पटना के बहुत फेमस श्रीवास्‍तव जी के रुप में ही दिख रहे हैं.

पड़ताल में लगी लाइव सिटीज की स्‍पेशल रिपोर्टिंग टीम (एसआरटी) को क्‍या नई जानकारी मिली, अब विस्‍तार से जानिए. सूचक को परेशानी न हो, इसलिए छात्रा का नाम बदल देते हैं. यहां छात्रा की पहचान चित्रा के रुप में करें. चित्रा के पैरेंट्स से मिले इनपुट न सिर्फ स्‍कूल, बल्कि सीबीएसई के पटना ऑफिस की व्‍यवस्‍था के हर छेद को खोल देती हैं.

कृष्‍णापुरी इलाके का एक स्‍कूल ग्‍यारहवीं में चित्रा का नामांकन लेता है. एडमिशन फी के रुप में ठीक-ठाक पैसा लिया जाता है. स्‍कूल ने छुपा रखा है कि 12वीं के बोर्ड के लिए स्‍कूल को सीबीएसई की मंजूरी नहीं है. चुपके से 11वीं कक्षा में ही चित्रा का रजिस्‍ट्रेशन सीबीएसई में करा दिया जाता है. अधिक पैसा फिर लगता है. चित्रा अब तक नहीं जान पाती है कि उसका रजिस्‍ट्रेशन किसी दूसरे स्‍कूल से करा दिया गया है.

तभी एक दिन, पूरे दुलार-प्‍यार के साथ चित्रा और साथ पढ़ने वाले सैंकड़ों बच्‍चों को स्‍कूल बस में सवार कर खगौल रोड में स्थित किसी जगत मिशन सीनियर सेकेंडरी स्‍कूल में ले जाया जाता है. कहने मात्र को स्‍कूल है यह. सबों को समझाया जाता है कि सीबीएसई के कुछ आफिसर आने वाले हैं. वे जब पूछेंगे तो ये मत बता देना कि कृष्‍णापुरी के स्‍कूल में पढ़ते हो. कहना – हम जगत मिशन सीनियर सेकेंडरी स्‍कूल में ही पढ़ते हैं. रोज क्‍लास आते हैं. बताये अनुसार नहीं बोले तो रजिस्‍ट्रेशन सीबीएसई कैंसिल कर देगा और परीक्षा में शामिल नहीं हो पाओगे. डरे बच्‍चे बताये अनुसार ऐसा ही करते हैं. मतलब यह कि सीबीएसई के अधिकारियों के सामने बच्‍चे झूठी गवाही देते हैं और वे उस स्‍कूल का स्‍टूडेंट अपने को मान लेते हैं, जिसका पूरा कैंपस भी नहीं जानते. आगे एक-दो बार ऐसा और होता है.

अब साठ-गांठ को समझिए. सीबीएसई के आफिसर बिना बताये स्‍कूल नहीं जा रहे हैं. सब कुछ बताकर जा रहे हैं. बोर्ड के मिले अफसरों के बताये अनुसार पूरा ड्रामा स्‍कूल रचे दे रहा है. कृष्‍णापुरी और खगौल रोड का जगत मिशन सीनियर सेकेंडरी स्‍कूल भी श्रीवास्‍तव गैंग्‍स का ही बताया जा रहा है. आगे इसी स्‍कूल से और अधिक पैसा लेकर श्रीकृष्‍णापुरी के स्‍कूल में ही बैठ कर फार्म भरा दिया जा रहा है. फिर परीक्षा बाद एसएलसी व अन्‍य सर्टिफिकेट देने के लिए भी मुंहमांगी रकम वसूल ली जाती है.

लाइव सिटीज की स्‍पेशल रिपोर्टिंग टीम (एसआरटी) अब जगत मिशन सीनियर सेकेंडरी स्‍कूल का सच जानने को सीबीएसई की वेबसाइट को सर्च करती है. यहां ढ़ेर सारी जानकारी फर्जी है. मसलन,स्‍कूल का संपर्क नंबर 9801009627 दिया हुआ है. कॉल करने पर मालूम होता है कि यह स्‍कूल का नहीं किसी और का नंबर है. स्‍कूल की अपनी कोई वेबसाइट का ब्‍योरा दर्ज नहीं है. खगौल, दानापुर का एसटीडी कोड कब से 0591 हो गया, भगवान को भी पता नहीं होगा. स्‍कूल का मेल एड्रेस किसी मुकेश कुमार के नाम से है. हेडमास्‍टर कोई जयशंकर प्रसाद बताये जा रहे हैं. स्‍कूल का संचालन कोई जगत नारायण सामाजिक कल्‍याण समिति कर रही है. आगे की जांच अभी जारी है. कई स्‍कूलों की पड़ताल है, जल्‍द बतायेंगे गैंग्‍स ऑफ सीबीएसई की दूसरी किस्‍त में.

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