अशोक चौधरी-पप्पू यादव को मिली स्पेशल सिक्यूरिटी वापस ले ली सरकार ने

पटनाः बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी और जन अधिकार पार्टी (लो) के संरक्षक सांसद पप्पू यादव को मिली विशेष श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई है. अब इन दोनों नेताओं की हिफाजत में CRPF के जवान नहीं दिखेंगे. यह सुरक्षा केंद्र सरकार देती है. दोनों को Y प्लस और Y कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई थी.

अशोक चौधरी को CRPF की सिक्यूरिटी बिहार में मंत्री बनने के पहले से मिली हुई थी. वे बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी हैं. सांसद पप्पू यादव को खुफिया रिपोर्ट पर 2015 के बिहार विधान सभा चुनाव के वक़्त यह सुरक्षा केंद्र सरकार ने दी थी. अचानक सुरक्षा वापसी की कोई वजह नहीं बताई गई है.

CRPF की सुरक्षा वापसी का आर्डर आज 17 जून शनिवार की सुबह अचानक पहुंचा. दोनों नेताओं के बंगले पर रही टुकड़ी को अपने कमांडेंट से आदेश मिला कि तत्काल वापस हो जाएं. आधिकारिक जानकारी संबद्ध नेताओं को नहीं दी गई. आज पप्पू यादव को नई दिल्ली से पटना आना था. शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी के भी कई कार्यक्रम लगे हैं.

निश्चित तौर पर CRPF की सुरक्षा वापसी के केंद्र के इस फैसले को राजनीतिक चश्मे से देखा जाएगा. आवंटन के समय भी ऐसा ही होता है. बिहार के कई नेताओं को Y कैटेगरी की सुरक्षा अब भी प्राप्त है. इनमे भाजपा और एनडीए गठबंधन के नेताओं की संख्या अधिक है.

वैसे भी देखा गया है कि कब किसे कौन-सी सुरक्षा मिल जाये,पता ही नहीं चलता. बताया जा रहा है कि दिवंगत सांसद उमाशंकर सिंह के बेटे जितेंद्र स्वामी की Y कैटेगरी की सुरक्षा जेल से बाहर आते ही फिर से बहाल हो गई है. उन्हें कोर्ट ने सजा सुनाई है. किसी पद पर वे नहीं हैं. बिहार की राजनीति में जब ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू का बिगाड़ जदयू के साथ हुआ,तब उन्हें भी तुरंत CRPF का घेरा केंद्र ने दे दिया था. बाद में वे भाजपा के टिकट पर बाढ़ विधान सभा से चुनाव लड़े और जीते.

अब जबकि अशोक चौधरी और पप्पू यादव की CRPF सुरक्षा वापस ले ली गई है, हिफाजत की जिम्मेवारी बिहार पुलिस की बढ़ेगी. दोनों नेताओं के साथ और गार्ड लगाने होंगे. बिहार पुलिस को दोनों नेताओं के थ्रेट को एनालाइज कर अंतिम निर्णय करना होगा. इस बीच यह खबर भी चल रही है कि अभी भाजपा में शामिल कराए गए पूर्व मंत्री सम्राट चौधरी को बहुत जल्द CRPF सुरक्षा का घेरा मिल सकता है.

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