शरद यादव की सांसदी जाएगी या बचेगी, अब राज्यसभा में सुनवाई 8 को

लाइव सिटीज डेस्कः राज्यसभा की सदस्यता रद्द करने को लेकर अब शरद यादव और अली अनवर को 8 नवंबर को बुलाया गया है. राज्यसभा में जदयू सांसद आरसीपी सिंह की शिकायत पर राज्यसभा सचिवालय ने नोटिस जारी कर शरद यादव और अली अनवर को उनकी सदस्यता खत्म करने को लेकर सुनवाई में बुलाया है. अब दोनों राज्यसभा सचिवालय में अपना पक्ष 8 नवंबर को रखेंगे.

इससे पहले शरद यादव को राज्यसभा के अतिरिक्त सचिव मुकुल पांडेय ने नोटिस जारी किया था. जारी नोटिस में 30 अक्टूबर को संसद में उपस्थित होने को कहा गया था. जिसमें 30 अक्टूबर को राज्यसभा के सभापति व देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू शरद यादव की सदस्यता रद्द करने को लेकर सुनवाई करने वाले थे. बता दें कि हाल ही में शरद यादव की सदस्यता रद्द करने को लेकर राज्यसभा के सभापति को जदयू सांसद आरसीपी सिंह ने पत्र सौंपा था. पत्र में मांग की गई थी कि शरद यादव की सदस्यता रद्द की जाए.

इधर आज बुधवार की शाम शरद गुट ने चुनाव आयोग से मिलकर पार्टी व चुनाव चिह्न पर अपने दावे के पक्ष में जरूरी दस्तावेज भी जमा किए. सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक शरद गुट के अरूण श्रीवास्तव, अली अनवर, जावेद रजा व गोविंद यादव का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिलने निर्वाचन सदन पहुंचे. प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के समक्ष जदयू तथा पार्टी सिंबल को लेकर दावेदारी के प्रमाण दिए. अब चुनाव आयोग इस पर जल्दी ही फैसला करेगा.

अब चुनाव आयोग के फैसले पर राज्यसभा में शरद यादव व अली अनवर की सदस्यता का फैसला भी टिका है. फैसला होगा, यह फिलहाल नहीं कहा जा सकता. वैसे, जदयू नेताओं ने पटना में कहा कि शरद यादव का चुनाव आयोग के समक्ष दावा महज औपचारिकता है. पार्टी मुख्य मंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एकजुट है.

मालूम हो कि बिहार में महागठबंधन टूटने और सीएम नीतीश कुमार का भाजपा से हाथ मिला लेने के बाद शरद यादव ने बागी तेवर अपना लिया है. वे रह रह कर नीतीश कुमार पर जम कर हमला बोल रहे हैं. पार्टी रुख के खिलाफ उन्होंने कई कार्य किये. इससे पार्टी नाराज हो गई है. कई बार शरद यादव पर नरम रुख भी अपनाया गया.