मिट्टी घोटाले की जांच अब निगरानी करेगी, लालू व तेजप्रताप की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

लालू व तेजप्रताप का फाइल फोटो

लाइव सिटीज डेस्क : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद व उनकी फैमिली का संकट खत्म नहीं हो रहा है. इधर चारा घोटाला को लेकर लालू प्रसाद का रांची दौरा कुछ कम हुआ है तो उनकी फैमिली का दिल्ली दौरा बढ़ गया है. रेलवे टेंडर में हुई अनियमितता को लेकर सीबीआई व ईडी लगातार पूछताछ कर रही है. अब काफी दिनों से ठंडे पड़े मिट्टी घोटाला फिर सामने आया है. अब इसकी जांच निगरानी विभाग करेगा.

सूत्रों की मानें तो नीतीश सरकार ने शनिवार को मिट्टी घोटाले की जांच की जिम्मेवारी निगरानी विभाग को सौंपी है. बता दें कि इस मामले में मॉल की मिट्टी को राजनीतिक दबाव में संजय गांधी जैविक उद्यान पर खरीदने का आरोप है. इस मामले में तेजप्रताप यादव आरोपी हैं.

सूत्रों की मानें तो मॉल की मिट्टी को 80 लाख में संजय गांधी जैविक उद्यान ने खरीदा है. आरोप है कि इस मिट्टी को तत्कालीन वन एवं पर्यावरण मंत्री तेजप्रताप यादव के कहने पर जू वालों ने खरीदा था. वह भी बिना टेंडर निकाले. हालांकि इस आरोप को तेजप्रताप यादव गलत बताते रहे हैं.

गौरतलब है कि भाजपा के वरीय नेता सुशील कुमार मोदी जब उपमुख्यमंत्री नहीं थे तब से वे आरोप लगाते रहे हैं. उन्होंने ही मिट्टी घोटाला का पहली बार आरोप लगाया था. उन्होंने यह भी कहा था कि मिट्टी बिक्री के लिए कोई टेंडर भी नहीं निकाला गया था. नियमों से इतर जाकर रात को उद्यान में मिट्टी की भराई हुई, जो वन्‍यजीवों के रखे जाने वाले स्‍थान पर नहीं किया जा सकता था. उस समय मामले की जांच के लिए चीफ सेक्रेट्री अंजनी कुमार सिंह ने फाइल भी मंगाई थी.

लेकिन अब बिहार में सत्ता बदल गयी है. भाजपा के वरीय नेता सुशील कुमार मोदी बिहार के डिप्टी सीएम बन गये हैं. सीएम नीतीश कुमार से लालू प्रसाद के रिश्ते आर-पार की लड़ाई वाली स्थिति में आ गयी है. वहीं मिट्टी घोटाला मामले में नया मोड़ देते हुए नीतीश सरकार ने शनिवार को इसकी जिम्मेवारी निगरानी विभाग को दे दी है. कहा जा रहा है कि लालू प्रसाद के साथ ही अब तेजप्रताप की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं.