पटना (नियाज आलम) : बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और उसके लिए विशेष पैकेज देने के प्रधानमंत्री की घोषणा को लेकर जदयू और भाजपा आमने-सामने हैं. एक तरफ जदयू का कहना है कि प्रधानमंत्री की घोषणा को 623 दिन गुज़र चुके हैं, लेकिन पैकेज के नाम पर मिलने वाली राशि शून्य है.

जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि 18 अगस्त, 2015 को 5:38 मिनट पर पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के माध्यमम से बिहार को विशेष पैकेज देने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि अगर मंजूरी दी गई है तो उसकी कोई अधिसूचना भी होगी, प्रधानमंत्री उसे दिखाएं.

नीरज कुमार ने कहा कि क्या केन्द्र सरकार केवल प्रेस विज्ञप्ति पर ही चलेगी. उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री विशेष पैकेज की स्वीकृति की बात करते हैं, तो दूसरी तरफ वित्त मंत्री कहते हैं कि इसमें कई योजनाएं पूर्व गोषित योजनाओं के तहत हैं.

जदयू प्रवक्ता ने कहा कि अब प्रधानमंत्री असत्य बोल रहे हैं या वित्त मंत्री, इसका फैसला करें. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों और युवाओं के साथ छल किया है. 623 दिन गुजर जाने के बाद भी बिहार के 623 नौजवानों को भी अगर केंद्र सरकार ने रोजगार दिया है तो उसका सुबूत पेश करें.

उन्होंने कहा कि यह आर्थिक और राजनीतिक जालसाज़ी है, जिसे चलने नहीं दिया जाएगा. नीरज कुमार ने कहा कि जान नहीं छोड़ेंगे, हार नहीं मानेंगे, बिहार के हक की लड़ाई लड़ते रहेंगे.

बेनामी संपत्ति के आरोपों में घिरे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के मामले में मुख्यमंत्री क्यों खामोश हैं, इस सवाल के जवाब में नीरज कुमार पहले तो नाराज़ हो गए. उन्होंने कहा कि यह प्रेस कांफ्रेंस विशेष पैकेज को लेकर है, इसी बाबत सवाल पूछा जाए.

जदयू के इन आरोपों पर भाजपा ने कहा है कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए जदयू विशेष पैकेज के नाम पर सियासत कर रही है. प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संजय टाइगर के मुताबिक मंत्री राजीव रंजन सिह ने विधान परिषद में कबूल किया है कि जो विशेष पैकेज की राशि मिली थी, उसमें से 6608.77 करोड़ रुपया ही खर्च कर पाए हैं. सिह ने 16 मार्च, 2017 को सदन में यह बयान दिया था.

टाइगर ने जदयू को घेरते हुए कहा है कि पार्टी के प्रवक्ता पहले आपस में सलाह कर लें, फिर बयानबाज़ी करें. यह उनकी राजनीतिक सेहत के लिए अच्छा रहेगा. इसके साथ ही प्रदेश भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जदयू को यह मालूम ही नहीं कि कौन सी सूचना कहां से मिलेगी.

उन्होंने कहा कि जब विशेष पैकेज का संबंध प्रधानमंत्री कार्यालय से है, फिर जदयू प्रवक्ता नीति आयोग से जानकारी क्यों मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरा की सभा में बिहार को जिस सवा लाख करोड़ रुपये के विशेष पैकेज क घोषणा की थी, उसकी एक मुश्त बड़ी राशि बिहार की विविध योजनाओं के मद में खर्च हो रही है.

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