जदयू का पलटवारः राजनीतिक बेरोजगारी और मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं रघुवंश बाबू

लाइव सिटीज डेस्कः महागठबंधन में बयानबाजी चरम पर है. जदयू-राजद एक दूसरे पर खूब जुबानी हमले कर रहे हैं. सूबे के मुखिया नीतीश कुमार की चुप्पी कई कयासों को जन्म दे रही है तो वहीं पार्टी के प्रवक्ताओं के बयान से सियासत गरमा रही है. अब प्रवक्ताओं की जुबान पर लगाम लगे इसलिए जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने चेतावनी दी है.

दरअसल राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के सीएम नीतीश कुमार पर लगाए आरोपों पर जदयू प्रवक्ताओं ने पलटवार किया है. उन्होंने रघुवंश प्रसाद को राजनीतिक बेरोजगारी का शिकार बताया है. जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद की है और उन्होंने कभी भ्रष्टाचार को लेकर किसी से भी समझौता नहीं किया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार कभी कुशासन की सरकार की पहल नहीं करेंगे. उन्होंने सुशासन की मिसाल पेश की है और इस जनम तो क्या अगले जनम में भी नीतीश इससे कोई समझौता नहीं करेंगे.

उधर पार्टी के प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी रघुवंश प्रसाद के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि वो हताशा में आकर ऐसे बयान दे रहे हैं. रघुवंश बाबू को सत्ता के वियोग ने हताश कर दिया है. यही वजह है कि वो बयानबाजी कर रहे हैं.

जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि रघुवंश प्रसाद सिंह दरअसल राजनीतिक बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं और मुश्किल ये है कि हम उनकी कोई मदद भी नहीं कर सकते. उनकी मानसिक पीड़ा उभर-उभर कर बाहर आ रही है.

इधर प्रवक्ताओं के हमलावर रुख को देखते हुए जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने चेतावनी दी है. मीडिया से बचने की चेतावनी. वशिष्ठ नारायण ने कहा कि प्रवक्ताओं को बयानबाजी से बचना चाहिए. साथ ही ऐसे बयान न दें जिससे मीडिया में सुर्खियां बन जाएं.

गौरतलब हो कि अभी महागठबंधन के हालात कुछ ऐसे हैं कि विरोधी तो हमला कर ही रहे हैं साथ-साथ जो अपने हैं उनकी जुबान भी बंद नहीं हो रही. वहीं जिसके बयान से सभी अटकलों पर विराम लग सकता है वो कुछ बोल नहीं रहे. ऐसे में मीडिया से बचने की चेतावनी भी कैसे काम करे. खबरें तो बनेंगी ही.

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