SC से जस्टिस कर्णन को 6 माह की जेल, मीडिया को भी निर्देश

लाइव सिटीज डेस्क : मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस सीएस कर्णन पर बड़ा फैसला सुनाया  है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस कर्णन को 6 महीने जेल की सजा सुनाई है.

साथ ही सुप्रीम कोर्ट जस्टिस कर्णन के आदेशों को नहीं छापने का निर्देश भी दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने यह सजा जस्टिस कर्णन को अदालत की अवमानना मामले में दी है. कोर्ट ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार करने को कहा है. बंगाल के डीजीपी आज खुद उन्हें गिरफ्तार करेंगे. बता दें कि जस्टिस कर्णन ने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के चीफ जज व अन्य 6 जजों को अपने सामने पेश होने को कहा था लेकिन कोई भी जज उनके सामने पेश नहीं हुए. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को वारंट जारी करने का निर्देश दिया. मालूम हो कि जस्टिस कर्णन ने नोटबंदी के बाद पीएमओ को लेटर लिखकर कुछ जजों के करप्ट होने का आरोप लगाया था. सुप्रीम कोर्ट ने इसे अदालत की अवमानना माना था.

न्यायमूर्ति कर्णन ने संविधान के अनुच्छेद 226 के साथ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ‘राष्ट्र हित में आम जनों को भ्रष्टाचार व अशांति से बचाने के लिए स्वत: संज्ञान न्यायिक आदेश पारित किया.- ऑर्डर में सातों जजों को 8 मई को पेश होने की बात कही गई है और साथ ही ये भी कहा गया कि न तो ये लोग पेश हुए और न ही किसी ने इन्हें रिप्रेजेंट किया. इस मामले में अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने मंगलवार को कहा कि वो इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि जस्टिस कर्णन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को मानेंगे. SC ने जस्टिस कर्णन के मेंटल चेकअप की बात कही थी.

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