खुशखबरीः बिहार के 4 बीएड कॉलेजों में अगले साल से एमएड की पढ़ाई भी

लाइव सिटीज डेस्कः भागलपुर, गया, समस्तीपुर और छपरा के सरकारी बीएड कॉलेजों में अगले साल से एमएड की पढ़ाई शुरू होगी. भागलपुर के अध्यापक शिक्षा कॉलेज में तो एमएड की पढ़ाई की अनुमति देने के लिए एनसीटीई को प्रस्ताव भी भेज दिया गया है.

गया, समस्तीपुर और छपरा का भी प्रस्ताव जल्द ही एनसीटीई को भेजा जाएगा. इसके पहले इस वर्ष 2017-19 के लिए राज्य में दो बीएड कॉलेज सहरसा और तुर्की मुजफ्फरपुर में एमएड की पढ़ाई के लिए छात्रों का नामांकन लिया गया है.

अभी सरकारी स्तर पर तीन कॉलेजों में ही एमएड की पढ़ाई हो रही है. एनसीटीई (राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद) के नए प्रावधानों के अनुसार अब किसी भी बीएड कॉलेज को कंपोजिट कोर्स के तहत बीएड के साथ ही कम से कम एक अतिरिक्त कोर्स चलाना है.

बीएड नहीं पड़ेगा महंगा

इससे पहले हाई कोर्ट ने बीएड कॉलेज में फीस बढ़ोतरी के मामले में जेपी यूनिवर्सिटी से एक हफ्ते में जवाब तलब किया था. इधर, तिलका मांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी ने इस मामले में कोर्ट को बताया है कि सरकारी और प्राइवेट बीएड कॉलेजों की फीस एक समान कर दी गई है. इन दोनों यूनिवर्सिटी के एक-एक कॉलेज ने अलग-अलग याचिका दायर कर निजी सरकारी बीएड कॉलेजों में फीस बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया.

बुधवार को जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ ने दोनों याचिकाओं पर एकसाथ सुनवाई की. भागलपुर यूनिवर्सिटी की ओर से बताया गया कि राज्य सरकार ने निजी सरकारी बीएड कॉलेजों की फीस एक तरह की कर दी है. अब सभी कॉलेजों को एक लाख 5 हजार रुपए ही लेने हैं. इसलिए इन कॉलेजों ने फीस में भेदभाव का जो आरोप लगाया है, वह बेकार है. कोर्ट ने मामले की सुनवाई एक हफ्ते के लिए टालते हुए जेपी यूनिवर्सिटी से जवाब मांगा है.

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