निकाय चुनावों में भी आधी आबादी ने दिखाई ताकत, अब बनाएंगी मुहल्ले की सरकार

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लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में हुए नगर निकाय चुनाव के नतीजे आ गए हैं. अगर पूरे नतीजों पर गौर करें तो इस बार के चुनाव में हर जिले और हर निकाय में महिलाओं का डंका बजा है. महिलाओं ने कई जगहों पर तो बंपर जीत दर्ज की है.

जब राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है, तो इसमें आश्चर्य नहीं कि ये नतीजे चौंकाए. महिलाएं जिस तरह से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं तो वे पॉलिटिक्स में क्यों पीछे रहें. इंडियन पॉलिटिक्स में वर्षों से पुरुष ही राज करते आए हैं. हालांकि भारत उन देशों में से एक है, जिसने दशकों पहले ही अपनी बागडोर इंदिरा गांधी के हाथों सौंप दी थी.

फिर खास बात यह है कि महिलाओं को राजनीति में बराबर का हक दिलाने के लिए बिहार एक कदम और आगे बढ़ा. सूबे में महिलाओं को वर्ष 2005 में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया. यही नहीं महिलाओं को फिफ्टी परसेंट आरक्षण देने वाला बिहार देश का पहला राज्य भी बना था.

यही वजह है कि आज महिलाएं राजनीति में पूरी सहभागिता निभानी शुरू ही नहीं कर दी है, बल्कि अब तेजी से इसमें कदम भी बढ़ा रही हैं. इसका प्रभाव 2017 के नगर निकाय चुनाव में देखने को भी मिला. इसमें महिलाएं आरक्षण सीट ही नहीं, अपितु जनरल सीट पर भी कब्जा जमाने में सफल रहीं. कहीं कहीं तो वे 70 परसेंट सीटों तक पर भी कब्जा जमाने में कामयाब रहीं.

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बिहार में हुए नगर निकाय चुनाव के नतीजे इस बात की गवाह है कि महिलाएं राजनीति में अपना लोहा मनवाने लगी हैं. बहरहाल आंकड़ों में हम पाते हैं कि निकाय चुनाव में महिलाओं ने कहां किस तरह अपना बिगुल बजाया. पूरे सूबे में 100 नगर निकायों के 2332 वार्डों में चुनाव हुए. इनमें कुल 13027 खड़े हुए. उनमें से 6890 महिलाओं ने नामांकन कराया था.

आंकड़े बताते हैं कि सूबे में सिल्क सिटी के नाम से फेमस भागलपुर में इस बार कुल 51 वार्डों में से 35 सीटों पर महिलाओं ने कब्जा जमाया. इसी तरह खगड़िया नगर परिषद के कुल 26 वार्डों में से 16 सीटों पर महिलाओं ने बाजी मारी. दरभंगा नगर परिषद में 48 में से 26 सीटों पर महिलाओं की जीत हुई. नवादा नगर परिषद के कुल 33 वार्डों में से 22 पर महिलाओं ने अपनी जीत सुनिश्चित की.

इसके अलावा

लखीसराय नगर परिषद में 33 में से 22,

बड़हिया नगर पंचायत में 24 में से 18,

बांका के अमरपुर नगर पंचायत में 14 में से 8,

बक्सर नगर परिषद में 34 में से 17,

डुमरांव नप में 26 में से 15,

मधुबनी नगर परिषद में 30 में से 19,

झंझारपुर में 16 में से 7,

जयनगर में 14 में 6,

घोघरडीहा में 11 में 6,

आरा नगर निगम 45 में से 29,

कोइलवर नगर पंचायत में 14 में से 7,

शाहपुर नगर पंचायत में 11 में से 5,

पीरो में 17 में से 7,

जगदीशपुर में 18 में से 8,

बिहिया में 14 में से 7,

जहानाबाद में 52 में से 31,

गया नगर निगम के 53 में से 30 पर महिलाओं ने कब्जा जमाया.

वहीं गया के ही 19 वार्डों वाले बोधगया नगर पंचायत में 11, 20 वार्डों वाले शेरघाटी नगर पंचायत में 11 तथा 13 वार्डों वाले टिकारी नगर पंचायत में 7 पर महिला प्रत्याशियों ने बाजी मारी.

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बहरहाल, इन आंकड़ों से सूबे की पूरी तस्वीर का अंदाजा हो जाता है कि महिलाएं कितनी तेजी से पॉलिटिकल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही हैं. हालांकि कुछ क्षेत्रों में चुनाव पहले ही हो चुके थे, जबकि कई निकाय के अभी गठन होने से वहां इस बार चुनाव नहीं हुआ है. वहीं राजधानी पटना नगर निगम और नगर निकाय का चुनाव 4 जून को होना है. लेकिन यह सत्य है कि अब महिलाएं मुहल्ले की पॉलिटिक्स में भी पीछे नहीं रहीं. हालांकि यह अलग बात है कि इनकी शक्ति अभी हंड्रेड परसेंट इनके हाथों में नहीं आयी है. लेकिन उम्मीद है कि वह दिन दूर नहीं जब हंड्रेड परसेंट महिलाएं खुद फैसला लेंगी.