UPSC Toppers के सक्सेस मंत्रा : सफलता का शॉर्टकट रास्ता नहीं, मेहनत से मिलेगी मंजिल

कोलाज फोटो में ब्लैक शर्ट में गोपालकृष्ण रोनांकी.

लाइव सिटीज डेस्क : UPSC मतलब इम्तिहान-ए-हिंद. हर किसी की चाहत होती है, इसमें सफलता हासिल करें. इसके जरिए अपने परिवार, समाज ही नहीं अपने जिला व राज्य का नाम रोशन करें. समाज की सेवा करें. खास बात कि UPSC की तैयारी करने वाले युवा भी चाहते हैं कि वे इस परीक्षा में आनेवाले टॉपर्स से टिप्स लें. ताकि उन्हें भी सफलता मिले. तो आइए बताते हैं कि इस बार के वन टू थर्ड टॉपर्स नंदिनी, बेदी और गोपाल कृष्ण के क्या हैं सक्सेस मंत्रा.

पहले बात करते हैं कर्नाटक की नंदिनी की. नंदिनी ने इस साल UPSC में देश भर में टॉप किया है. इसके पहले वे वर्ष 2014 में भी सिविल सर्विसेज परीक्षा को क्रैक किया था. इसके बाद रैंकिंग सुधारने के लिए वर्ष 2016 की परीक्षा नंदिनी ने नौकरी करते हुए दी और इस बार अव्वल रहीं. नंदिनी कहती हैं – IAS बनना मेरा सपना था. यह सपना चौथा प्रयास में जाकर पूरा हुआ. मैं हमेशा से IAS अधिकारी ही बनना चाहती थी.

अपने दोस्तों संग खुशी शेयर करतीं नंदिनी.

बेंगलुरु के एमएस रमैया तकनीकी संस्‍थान से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने वाली नंदिनी ने कन्‍नड़ साहित्‍य को वैकल्पिक भाषा के रूप चुना था. वे कहती हैं कि मेहनत कभी जाया नहीं जाती है. खास कर लड़कियों को खुद पर विश्वास होना चाहिए और अपने विकास के लिए लड़कियों को काम करना चाहिए. जरूरी नहीं है कि स्टूडेंट्स काफी देर-देर तक पढ़ाई करें. लेकिन, इस पर जरूर फोकस हो कि वे जो भी पढ़ें, सेंटरलाइज होकर पढ़ें.

नंदिनी की मानें तो IAS बनकर बेहतर तरीके से समाज की सेवा कर सकते हैं. दिसंबर 2015 में IRS सर्विस ज्वाइन करने वाली नंदिनी हैं कि हमारा बुनियादी उसूल होना चाहिए और हम जहां भी रहें, अपना सर्वश्रेष्ठ दें. बस हमारा इरादा पक्के हो. वे प्रतिभागियों से कहती हैं कि आपका दृढ़ संकल्प ही आपको मंजिल दिला सकती हैं.

अपने परिजनों के संग अनमोल शेर सिंह बेदी.

उधर UPSC के सेकंड टॉपर अनमोल शेर सिंह बेदी भी अपनी सफलता से काफी खुश हैं. लेकिन उन्हें भी इतनी आसानी से सफलता नहीं मिली है. दरअसल बेदी के पढ़ने का तरीका बेहद अनोखा रहा है. अनमोल शेर सिंह बेदी बताते हैं कि बचपन से ही IAS अफसर बनने का मेरा सपना रहा था, बट फ्यूचर सिक्योर भी बहुत जरूरी था. इसलिए मैंने कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग कर ली. 6 माह पहले ही मैंने इसकी तैयारी शुरू की और मेरा हो गया. हालांकि मैंने कभी नहीं सोचा था कि पहली ही कोशिश में मेरा सेलेक्शन भी हो जायेगा और मेरी इतनी अच्छी रैंकिंग हो जायेगी.
पोलिटिकल साइंस से UPSC की तैयारी करनेवाले बेदी कहते हैं कि स्टूडेंट्स को बस एकाग्रचित होकर पढ़ाई करे. सात से आठ घंटे की पढ़ाई में स्टूडेंट्स इस एग्जाम को क्रैक कर सकते हैं. सबसे खास बात है कि स्टूडेंट्स टाइम मैनेजमेंट का पालन जरूर करें. बकौल अनमोल, दिल्ली में मैंने कंप्यूटर साइंस की ट्रेनिंग के साथ ही UPSC की भी तैयारी की. छह माह की कोचिंग ली और एग्जाम दे आया. चूंकि मेरे पास समय कम था और इसलिए मैं दूसरा चांस भी लेने को भी तैयार था.

कोलाज फोटो में ब्लैक कोट में गोपालकृष्ण रोनांकी.

इसी तरह UPSC में थर्ड रैंक वाले गोपालकृष्ण रोनांकी की भी कहानी किसी प्रेरक प्रसंग से कम नहीं है. इनसे युवा प्रेरणा ले सकते हैं. बता दें क रोनांकी ने अपनी परीक्षा तेलुगू में दी थी. उन्होंने अपनी पूरी पढ़ाई सरकारी स्कूल में की. फिर डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से बाकी की पढ़ाई की. खास बात कि उनके माता पिता पढ़े-लिखे भी नहीं हैं. इसके बावजूद रोनांकी ने इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उनके पिता बहुत ही साधरण किसान हैं और मां हाउस वाइफ है.

रोनांकी ने मीडिया को बताया कि युवाओं के लिए कोई भी परीक्षा कठिन नहीं है. बस टाइम मैनेजमेंट से साथ उसे पढ़ने की जरूरत है. उन्होंने बताया ​कि वर्ष 2011 में आंध्र प्रदेश की पब्लिक सर्विस में मेरा चयन हो गया था, लेकिन इच्छा UPSC की थी. सो मैंने हैदराबाद में रह कर इसकी तैयारी की. घर की गरीबी को मैं समझ रहा था, कितनी मेहनत से पैरेंट्स सबकुछ जुटा रहे थे. इसलिए समय को जाया नहीं जाने दिया. जो भी पढ़ा, उसे कायदे से पढ़ा. और यही, अन्य युवाओं से भी कहना है कि मां-पिता के सपने को पूरा करें.

आपको बता दें कि गोपालकृष्ण रोनांकी जिस कोचिंग में पढ़ कर तैयारी कर रहे थे, जो टीचर उन्हें पढ़ा रहे थे, उनका भी UPSC में चयन हो गया है. उनकी टीचर बाल लता ने यह उपलब्धि हासिल की है. टीचर बाल लता को 167वां स्थान आया है. गौरतलब है कि इस बार की यूपीएससी परीक्षा में कुल 1099 कैंडिडेंट्स को सफलता मिली है. इनमें 846 पुरुष और 253 महिलाएं शामिल हैं. वहीं 500 जनरल, 347 ओबीसी, 163 एससी तथा 89 कैंडिडेट एसटी कैटेगरी के हैं.

ये हैं यूपीएससी के 10 टॉपर
1. नंदिनी के आर
2. अनमोल शेर सिंह बेदी
3. गोपालकृष्ण रोनांकी
4. सौम्या पांडेय
5. अभिलाष मिश्रा
6. कोठामासू दिनेश कुमार
7. आनंद वर्धन
8. श्वेता चौहान
9. सुमन सौरव मोहंती
10. बिला लाल मोहीउद्दीन भट्ट

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