’15 मई तक दें शपथ-पत्र, आपके इलाके में नहीं मिल रही है शराब’

पटना: पूरे बिहार में शराबबंदी के बाद से अब तक करीब 8 लाख लीटर शराब जब्त की जा चुकी है. शराब मिलने का सिलसिला अभी तक थमा नहीं है. शराबबंदी ने बिहार में भूमिगत रूप से शराब के कारोबार का पूरा नेटवर्क खड़ा कर दिया है. यही कारण है कि रोज ही पुलिस से लुका—छिपी खेलते शराब तस्कर गिरफ्तार हो रहे हैं. न सिर्फ गिरफ्तार हो रहे हैं बल्कि उनके पास से भारी मात्रा में शराब भी बरामद की जा रही है. अपराध पर नियंत्रण न हो पाने के कारण प्रशासन को कड़ा रुख अख्तियार करना पड़ रहा है. शुक्रवार को पटना शहर के जिलाधिकारी संजय अग्रवाल ने शराबियों के खिलाफ और कड़े नियम बनाते हुए उनके खिलाफ खुले मुकाबले का ऐलान कर दिया है.

शुक्रवार को समाहरणालय में शराबबंदी पर वस्तुस्थिति की जानकारी लेने के लिए जिलाधिकारी संजय अग्रवाल ने कनीय अधिकारियों की बैठक बुलाई थी. बैठक में प्रशासन के साथ ही जिले के वरीय पुलिस अधिकारी और सभी थानों के थानाध्यक्ष मौजूद थे. डीएम ने वस्तु स्थिति की जानकारी लेते हुए सभी अधिकारियों को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए. डीएम ने अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि उन्हें स्थिति पर नियंत्रण चाहिए, चाहें विधिसम्मत कोई भी कदम क्यों न उठाना पड़े. डीएम ने जनता का भी आहवान किया कि शराब से संबंधित कोई भी खबर निश्चिंत होकर अपने नजदीकी पुलिस थाने या फिर सीधे उन्हें दें. आपकी गोपनीयता बरकरार रखी जाएगी.

शराबबंदी के स्पीडी ट्रायल की तैयारी

जिलाधिकारी संजय अग्रवाल ने कहा कि अब शराब के धंधे में संलिप्त लोगों के विरुद्ध बड़ा अभियान चलाया जाएगा. जिले में थानास्तर पर धावा दल के गठन का भी फैसला लिया गया. त्वरित कार्रवाई के लिए नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा. यह नियंत्रण कक्ष 24X7 काम करेगा. नियंत्रण कक्ष में सूचना मिलने के पांच मिनट के भीतर ही धावा दल अपना काम शुरू कर देगा. शराबबंदी से जुड़े सभी मामलों को अब स्पीडी ट्रायल के जरिए निपटाने की भी बात कही गई.

सीसीटीवी से होगी निगरानी

जिलाधिकारी ने बताया कि अब कंट्रोलरूम शहर की लगभग सभी सड़कों और महत्वपूर्ण चौक—चौराहों पर निगरानी करेगा. इस दौरान अगर कोई भी शराबी सड़क पर दिखाई देता है या तनिक भी संदेह होने पर नजदीकी पुलिस टीम उसकी जांच ब्रेथ एनालाइजर से करेगी. अगर दोषी पाया गया तो उसे जेल जाना ही होगा. साथ ही पुलिस अब शराब कारोबार के पुराने खिलाड़ियों पर भी निगाह रखेगी. पुलिस की पहली प्राथमिकता और सबसे बड़ी चुनौती इन शराब कारोबारियों के पुराने सिंडिकेट को तोड़ना है.

सख्त कदम की तैयारी

जिलाधिकारी संजय अग्रवाल ने कहा कि अब जिस व्यक्ति की जमीन अथवा मकान से शराब की खेप जब्त की गयी, उसकी जमीन और मकान प्रशासन जब्त कर लेगा. वहीं सभी थानाध्यक्षों को पन्द्रह दिन के भीतर यह हलफनामा देने के लिए भी कहा गया है कि उनके थानाक्षेत्र में कहीं भी अवैध रूप से शराब की बिक्री नही हो रही है. अगर इसके बाद भी बिक्री पकड़ी गयी तो थानाध्यक्ष पर कार्रवाई सुनिश्चित है. अब कोई भी पुलिस उपाधीक्षक किसी भी थानाक्षेत्र में जाकर शराब माफिया पर छापेमारी और कार्रवाई कर सकता है. जब्त की हुई शराब को बाद में सार्वजनिक रूप से नष्ट भी करना होगा. धंधे में संलिप्त लोगों पर उत्पाद अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं.

लोगों से जिलाधिकारी ने  की अपील

जिलाधिकारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि शराब के अवैध धंधे के संबंध में कोई भी जानकारी हो तो जिला नियंत्रण कक्ष के नम्बर 06122219293 अथवा 9473400608 पर वाट्सएप के माध्यम से सूचना दें. जिला प्रशासन तत्काल ऐसे मामलों पर छापेमारी की कार्रवाई करते हुए धंधे में संलिप्त असामाजिक तत्वों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करेगा.

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