बिहार सरकार को हाईकोर्ट से झटका, अब स्प्रिट कंपनियों पर रोक नहीं

Patna-High-Court-min

लाइव सिटीज डेस्कः पटना हाईकोर्ट से बिहार सरकार को बड़ा झटका लगा है. अदालत ने सरकार द्वारा डिस्टिलरी कंपनियों पर रोक के आदेश को रद्द कर दिया है. इस मामले पर सुनवाई करते हुए सीजे राजेद्र मेनन की फुल बैंच ने अपना फैसला सुनाया है. कोर्ट के इस आदेश के बाद से स्प्रिट बनाने वाली कंपनियों को बड़ी राहत मिली है.



इससे पहले भी हाईकोर्ट ने सरकार का वह आदेश निरस्त कर दिया था, जिसमें थोक एवं खुदरा स्प्रिट का लाइसेंस रिन्यूवल नहीं करने को कहा गया था. इसके अलावा एमएंडटीपी कानून के तहत जारी लाइसेंस का भी रिन्यूवल न करने और नए लाइसेंस नहीं देने का भी आदेश निरस्त किया गया था.

चीफ जस्टिस आईए अंसारी व जस्टिस एसपी सिंह की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया था. फैसले पर प्रधान अपर महाधिवक्ता ललित किशोर ने कहा था कि अदालत के आदेश का अध्ययन किया जा रहा है. सरकार इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने पर गंभीरता से विचार कर रही है.

सूबे शराब पर रोक के बाद आया था आदेश

बता दें कि बिहार सरकार ने 18 जनवरी को आदेश जारी किया था कि पहली अप्रैल से राज्य में शराब पर प्रतिबंध है. इसलिए दवा कंपनियों के लिए आसवनगृह को परिशोधित स्प्रिट बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही एमएंडटीपी एक्ट के तहत स्वीकृत दवा कंपनियों को दवा बनाने के लिए परिशोधित स्पिरिट राज्य के बाहर से लाने की बात कही गई थी. बाद में उत्पाद आयुक्त ने विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में संशोधन करते हुए लाइसेंस का नवीकरण नहीं करने व नए लाइसेंस जारी करने पर मनाही कर दी थी.

यह भी पढ़ें-

लापता शबनम और सुप्रिया ओझा की जांच अब CBI के हवाले

बिहार सरकार पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, कहा  मेरा मजाक न बनाएं