आधी आबादी की हनक : सूबे के नगर निगमों में महिलाओं ने दिखायी राजनीतिक ताकत

लाइव सिटीज डेस्क : राजधानी पटना. पॉलिटिक्स का सेंटर प्वाइंट. पूरा स्टेट यहां की पॉलिटिक्स जानने को बेचैन रहता है. जिलों की तरह मुहल्ले की सरकार बनाने में यहां भी महिलाओं की जबर्दस्त हनक देखने को मिली. उन्होंने दिखाया कि हमें कमजोर न समझें. आंकड़े देखें तो पाते हैं कि पटना नगर निगम में लगभग 65 परसेंट सीटों पर महिलाओं का कब्जा हो गया. जिले के अन्य नगर निकायों में हुए चुनाव में भी महिलाओं की यही स्थिति रही है. पटना नगर निगम समेत सभी नगर निकायों में हुए कुल 297 वार्डों में से कुल 187 महिलाएं जीती हैं.

 

बता दें कि पटना नगर निगम में कुल 75 वार्ड हैं. इनमें 50 परसेंट सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हैं. लेकिन वार्डों के हुए चुनाव के बाद जो काउंटिंग हुई, उसमें चौंकाने वाले आंकड़े आए. महिलाओं ने रिजर्व सीटों के अलावा जनरल सीटों में भी गजब की अपनी ताकत दिखायी. महिलाओं ने पटना नगर निगम में कुल 49 सीटों पर कब्जा जमाया. यानी 12 सीटें महिलाओं ने जनरल सीटों में अपनी सेंधमारी करने में सफल रहीं. पॉलिटिकल कॉरिडोर में मैसेज देने के लिए यह काफी है कि आधी आबादी अब राजनीति में कितना अधिक सशक्त हो गयी हैं.

पटना के खगौल में जीत के बाद विक्ट्री साइन के साथ आधी आबादी

इतना ही नहीं, महिलाएं केवल जीत ही नहीं रही हैं बल्कि विकास में भी आगे हैं. यही वजह है कि कुल 75 वार्डों वाले पटना नगर निगम में इस बार दो महिलाएं लगातार तीसरी बार चुनाव जीती हैं. इनमें धनराज देवी और प्रमिला वर्मा शामिल हैं. इन्हें विकास पर ही लगातार लोगों ने विकास की जिम्मेवारी सौंपी है. इसी तरह वार्ड पिंकी कुमारी, पिंकी यादव, ज्ञानवती देवी, प्रभा देवी, शीला देवी, सीमा वर्मा, किस्मती देवी, तरूणा रॉय व कांति देवी लगातार दूसरी बार जीत हासिल करने में सफल रही.

पटना नगर निगम में बाकी 38 महिलाओं ने पहली बार वार्ड पार्षद बनी हैं. इन्हें जनता ने विकास के लिए नयी जिम्मेवारी दी. हालांकि इनमें 7 महिलाएं ऐसी रही हैं, जिनके पति वार्ड पार्षद रह चुके हैं. इनमें सबसे बड़ा चेहरा मेहजबीं अफजल की हैं. वे निवर्तमान मेयर अफजल इमाम की पत्नी हैं. वहीं निर्वतमान डिप्टी मेयर अमरावती देवी अपनी कुर्सी नहीं बचा सकीं. इनके पति दीनानाथ यादव भी चुनाव हार गये.

आरा में मेयर प्रियम तो डिप्टी मेयर बनीं मालती देवी

इतना ही नहीं, पटना नगर निगम के अलावा जिले के अन्य आठ नगर निकायों में भी यही हाल रहा है. पटना नगर निगम में जहां 49 महिलाओं ने बाजी मारी, वहीं बाकी के नगर निकायों में 137 महिलाओं ने कब्जा जमाया. रिजल्ट के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो पाते हैं कि दानापुर नगर परिषद में 40 में से 25, खगौल में 27 में से 19 ने बाजी मारी, जो कि कुल का 70 परसेंट हैं. कमोबेश यही स्थिति मसौढ़ी, फुलवारी शरीफ, बख्तियारपुर, बाढ़ की भी रही है. राजनीतिक पर्यवेक्षकों की मानें तो सभी नौ नगर निकायों में महिला उम्मीदवारों की संख्या पुरुष से 26 परसेंट ज्यादा है. मात्र 37 परसेंट पुरुष को ही सफलता हाथ लगी है.

सूबे में मुहल्ले की सरकार पर नजर दौड़ाएं तो वहां भी महिलाओं की हनक जबर्दस्त रही हैं. दरअसल सूबे के विभिन्न नगर निगमों में रिजल्ट काफी पहले में चुनाव काफी पहले हो गया था. वहां शुक्रवार को मेयर और डिप्टी मेयर को चुना गया. इनमें गया, बिहारशरीफ, आरा, भागलपुर, दरभंगा और मुजफ्फरपुर शामिल हैं. रिजल्ट के अनुसार इन छह में से चार नगर निगमों में मेयर की सीट पर महिलाओं ने कब्जा जमाया है. बिहारशरीफ में वीणा कुमारी, आरा में प्रियम, दरभंगा से बैजयंती खेड़िया और भागलपुर से सीमा साह मेयर बनी हैं. इनके अलावा बिहारशरीफ में फूल कुमारी और आरा में मालती देवी ने भी डिप्टी मेयर को भी अपनी झोली में डाल लिया.

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